14 अप्रैल से होगा आयोजन, देव मंदिरों में रंगरोगन पूरा, जौ की बुआई की
संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणबगड़। बैसाख संक्रांति से शुरू होने वाले पिंडरघाटी के परंपरागत पौराणिक बैसाखी मेलों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। असेड़, कौब, हंसकोटी, माल, खैनोली, मींग आदि गांवों के देव मंदिरों में रंगरोगन तथा सजावट के कार्य पूरे किए जा चुके हैं। साथ ही देवडोलियों को गंगा स्नान के लिए तैयार किया जा रहा है। देवपुजारियों ने बैसाखी के दिन प्रसाद स्वरूप श्रद्धालुओं को दी जाने वाली हरियाली के लिए जौ की बुआई मंदिरों में कर दी है।
बैसाख संक्रांति के पर्व से घाटी में मेलों की शुरुआत होती है। मेलों की शृंखला का शुभारंभ 14 अप्रैल को बैसाखी बैसाखी मेले पंती (नारायणबगड़) तथा थराली के कुलसारी में होगा। 15 अप्रैल को नारायणबगड़ के मींग, कौब तथा माल गांव में, 16 को खैनोली कौथिग, 17 अप्रैल को असेड़ मेले का आयोजन होगा। 18 को थराली के माल-बज्वाड़ में मलियाल मेला लगेगा। मलियाल मेले के 11 दिन बाद कुलसारी के आलकोट-झिंझोली में कुंवारी मेले के आयोजन के साथ ही पिंडरघाटी के बैसाखी मेलों का समापन हो जाएगा। निवर्तमान प्रमुख और प्रशासक यशपाल नेगी ने बताया कि आयोजन वाले गांवों में मंदिरों की सजावट का काम पूरा कर दिया गया है।