नीती-माणा समेत सीमांत क्षेत्रों की सस्ता गल्ला की दुकानों में गेहूं-चावल का अग्रिम भंडारण
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। चमोली जिले में वर्षाकाल के दौरान खाद्यान्न आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए जिला पूर्ति विभाग ने दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में सितंबर माह तक का राशन पहुंचा दिया है। राज्य खाद्य योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना और अंत्योदय योजना के तहत गेहूं एवं चावल का अग्रिम भंडारण कर सस्ता गल्ला दुकानों तक आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
जिला पूर्ति अधिकारी अंकित पांडेय ने बताया कि बदरीनाथ, ज्योतिर्मठ, देवाल, थराली, निजमुला (सैंजी), मलारी और नंदानगर क्षेत्र के दूरस्थ गांवों में खाद्यान्न पहुंचा दिया गया है। जिले में राज्य खाद्य योजना के 36,381, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के 45,276 और अंत्योदय योजना के 7,180 राशन कार्डों में कुल 3,39,925 यूनिट दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि वर्षाकाल को देखते हुए सितंबर तक का खाद्यान्न बेस गोदाम सिमली, श्रीनगर और हल्द्वानी से जिले के आंतरिक गोदामों में पहले ही पहुंचा दिया गया था। इसके बाद राज्य खाद्य योजना के तहत 5,457.15 क्विंटल गेहूं और 2,728.59 क्विंटल चावल, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 10,896.30 क्विंटल गेहूं और 17,778.15 क्विंटल चावल तथा अंत्योदय योजना में 2,864.82 क्विंटल गेहूं और 4,674.18 क्विंटल चावल सस्ता गल्ला दुकानों को उपलब्ध कराया गया है। सीमांत नीती और माणा घाटी के गांवों में भी राशन पहुंच चुका है।