घायल को सुरक्षित स्थान पर ले जाती टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन अपनी तैयारियों को लगातार परख रहा है। इसकी के तहत कर्णप्रयाग तहसील प्रशासन द्वारा बदरीनाथ हाईवे पर एक मॉक ड्रिल की गई। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा पूर्व की व्यवस्थाओं का आकलन करना और बचाव कार्यों में शामिल विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना था।
मॉक ड्रिल के दौरान, बदरीनाथ हाईवे पर विभिन्न सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहनता से निरीक्षण किया गया। बचाव दल की तत्परता, रेस्क्यू उपकरणों की कार्यक्षमता, संचार व्यवस्था की सुचारूता और विभिन्न विभागों के आपसी तालमेल का परीक्षण किया गया। अभ्यास में आपदा प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विभाग डीडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, जल संस्थान और पुलिस बल के जवान सक्रिय रूप से शामिल रहे।
ये भी पढे़ं...Chamoli Rain: ज्योतिर्मठ में भारी बारिश, पगनो गांव में घर में घुसा मलबा; दो बुजुर्ग फंसे, बदरीनाथ हाईवे भी बंद
इस दौरान मलबा आने से एक घायल व्यक्ति को हाईवे से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया। बचाव दल ने घायल को कंधे पर उठाकर निर्धारित सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि आपातकालीन स्थिति में घायलों को तुरंत और प्रभावी ढंग से कैसे निकाला जा सकता है।
ज्योतिर्मठ में मॉकड्रिल का अभ्यास
ज्योतिर्मठ में मानसून तैयारी के लेकर मॉक किया गया। इस मॉक ड्रिल के तहत जिले के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में भारी बारिश, भूस्खलन, बादल फटने और सुरंग हादसे जैसी अलग-अलग काल्पनिक आपदाओं का परिदृश्य तैयार किया गया। अभ्यास के दौरान लामबगड़ (ज्योतिर्मठ) में भारी मलबे से पुल क्षतिग्रस्त होने पर घायल का रेस्कयू किया गया।