चमोली जिले में रविवार को अपराह्न तीन बजे गुल हुई बिजली सोमवार को शाम छह बजे 27 घंटे बाद बहाल हुई। बिजली न होने पर जिले की 615 ग्राम पंचायतों की करीब ढाई लाख की आबादी ने अंधेरे में रात गुजारी।
मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो पाए, वहीं बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर पहुंच रहे तीर्थयात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तीर्थयात्रियों के मोबाइल बंद हो गए हैं, जिससे वे अपने सगे-संबंधियों से बात भी नहीं कर पाए।
सोमवार को जिला मुख्यालय के साथ ही घाट, पोखरी, जोशीमठ, पीपलकोटी, चमोली और नंदप्रयाग के एटीएम ने ही काम करना बंद कर दिया। जिले में हो रही बारिश को देखते हुए जहां जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है, वहीं बिजली व्यवस्था बाधित पड़ी है।
सभासद नवल भट्ट और पोखरी के भाजपा मंडल अध्यक्ष रमेश चौधरी का कहना है कि प्रतिवर्ष बरसात में बिजली व्यवस्था ठप हो जाती है इसके बावजूद ऊर्जा निगम की ओर से बिजली की सुचारु आपूर्ति के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है।
वहीं ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पंवार का कहना है कि श्रीनगर के समीप बिजली लाइन पर फाल्ट आने के कारण आपूर्ति बाधित हुई। सोमवार शाम पौने सात बजे तक बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई।
सतपुली से की वैकल्पिक व्यवस्था
पहले उपखंड में मरम्मत कार्य और ऋषिकेश और देवप्रयाग के बीच में 132 केवी की बिजली लाइन में फॉल्ट आने से कर्णप्रयाग, गैरसैंण, आदिबदरी और थराली की बिजली 34 घंटों बाद बहाल हो पाई। अभी जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था के तहत सतपुली से की जा रही है।
रविवार सुबह सवा आठ बजे कर्णप्रयाग स्थित विद्युत वितरण उपखंड में मरम्मत कार्य के चलते कर्णप्रयाग, गैरसैंण, आदिबदरी और थराली तहसीलों की बिजली आपूर्ति बंद थी। सोमवार शाम पौने सात बजे तक बिजली नहीं आई। विद्युत वितरण खंड नारायणबगड़ के अधिशासी अभियंता अमित शर्मा ने बताया कि फिलहाल जिले में सतपुली से बिजली की आपूर्ति की जा रही है।
लोड अधिक होने पर रोस्टिंग कर बिजली आपूर्ति की जाएगी। वहीं मुख्य लाइन के मंगलवार दोपहर तक ठीक होने की उम्मीद है।