19 किमी सड़क में 15 किमी बदहाल, तीन साल से चल रहा चौड़ीकरण और सुधारीकरण कार्य रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे लोग संवाद न्यूज एजेंसी गोपेश्वर। शासन ने 15 अक्तूबर तक जिले की सड़कों को गड्ढामुक्त करने की समय सीमा तय की है, लेकिन नंदप्रयाग-नंदानगर सड़क के सुधारीकरण की फिलहाल कोई स्पष्ट समय सीमा तय नहीं है। 19 किलोमीटर लंबी इस सड़क के शुरुआती करीब चार किलोमीटर हिस्से को छोड़ दें तो लगभग 15 किलोमीटर सड़क बदहाल स्थिति में है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को सड़क पर चलना मुश्किल हो रहा है। स्थिति यह है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो रहा है।
नंदप्रयाग से नंदानगर तक आवाजाही करने वाले लोगों को रोजाना हिचकोले खाते हुए सफर करना पड़ रहा है। सड़क पर कई स्थानों पर उबड़-खाबड़ सतह और गड्ढों के कारण दुर्घटना का खतरा बना है। पिछले तीन साल से सड़क पर चौड़ीकरण और सुधारीकरण कार्य चल रहा है, जिन स्थानों पर चौड़ीकरण का काम पूरा हो चुका है, वहां भी सड़क की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
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नंदानगर व्यापार संघ अध्यक्ष नंदन सिंह रावत ने बताया कि सेरा, तेफना और नंदानगर के समीप सड़क की हालत बेहद खराब है। लोगों को आए दिन परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़क पर सफर करने में वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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पहले चार किमी में सुधारीकरण पूरा, आगे पहाड़ कटिंग का काम
नंदानगर सड़क के शुरुआती चार किलोमीटर हिस्से में सुधारीकरण कार्य पूरा कर लिया गया है। शेष हिस्से में पहाड़ कटिंग का काम चल रहा है। सड़क चौड़ीकरण के लिए चेन वाली जेसीबी और पोकलैंड मशीनों से कार्य कराया जा रहा है। ऐसे में अभी गड्ढों को भरना संभव नहीं है। करीब छह माह बाद सड़क का चौड़ीकरण पूरा होने के बाद डामरीकरण कराया जाएगा।
अनूप सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि कर्णप्रयाग, चमोली