साढ़े तीन लाख की दो किश्त मिलने के बाद भी भवन निर्माण शुरू नहीं करने पर प्रशासन ने दो आपदा प्रभावितों को गिरफ्तार किया है। जिले में वर्ष 2013 की आपदा के दौरान 581 आपदा प्रभावितों को पुनर्वास के लिए चयनित किया गया था।
भवन निर्माण के लिए दो किश्तों का भुगतान होने के बावजूद 68 प्रभावितों के भवनों का निर्माण कछुआ गति से हो रहा है। जबकि 18 प्रभावितों ने नींव डालने के बाद निर्माण बंद कर दिया है। ऐसे में प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया है। दो आपदा प्रभावितों की गिरफ्तारी के बाद 16 अन्य पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। भवन न बनाने पर प्रशासन ने थराली ब्लॉक के देवराड़ा गांव निवासी कासिम अहमद और रियाजुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है।
वर्ष 2013 की आपदा में कासिम अहमद और रियाजुद्दीन के आवासीय भवन भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। पुनर्वास योजना के तहत दोनों को वर्ष 2014 में डेढ़-डेढ़ लाख की प्रथम किश्त दी गई। नींव रखने के बाद वर्ष 2015 में प्रभावितों को 2-2 लाख की पहली किश्त दी गई। बावजूद इसके उन्होंने भवन निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ाया।
निर्माण कार्य रोके जाने के बाद प्रशासन लाभार्थियों को बार-बार काम पूरा करने के नोटिस थमा रहा है। बावजूद इसके प्रभावितों की ओर से न तो जवाब दिया जा रहा था और ना ही भवन निर्माण पूरा किया जा रहा था। लिहाजा जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए राजस्व पुलिस की मदद से नौ जून को दो प्रभावितों को गिरफ्तार किया है।
जनपद में 86 आपदा प्रभावितों ने भवन निर्माण का मुआवजा लेने के बाद भी निर्माण पूरा नहीं किया है। अब प्रशासन कानूनी कार्रवाई अमल में ला रहा है। इन दो प्रभावितों के अलावा अन्य प्रभावितों से भी सरकारी धन की वसूली के लिए गिरफ्तारी की जाएगी।
विनोद कुमार सुमन, जिलाधिकारी, चमोली।