चमोली जिला भले ही कागजों में ओडीएफ (खुले में शौचमुक्त) है, लेकिन अभी भी कई परिवार शौचालय विहीन चल रहे हैं। स्वजल परियोजना और ब्लाक स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण के लिए अनुदान राशि दी जाती है, लेकिन पोखरी ब्लाक के खाल गांव में अभी भी कई परिवार ऐसे हैं जिनके यहां शौचालय नहीं हैं। ग्रामीण खुले में शौच करने को मजबूर हैं।
कर्णप्रयाग-पोखरी मार्ग पर स्थित खाल गांव में 12 परिवारों के शौचालय नहीं हैं। स्वजल की टीम की ओर से कई बार ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों का निरीक्षण भी किया गया, लेकिन इन परिवारों पर अधिकारियों की नजर तक नहीं पड़ी है। स्थानीय नवल खाली का कहना है कि स्वजल परियोजना की ओर से गांव के प्रवेश द्वार पर साइन बोर्ड लगाकर खाल गांव को खुले में शौच मुक्त गांव दर्शाया गया है, लेकिन खाल गांव में चंडी प्रसाद, चैता देवी, हंसराज, संतोष, जयलाल, राजेंद्र लाल, देवेंद्र, नागेंद्र, प्रमोद लाल, सोबती देवी, भूपेंद्र लाल और सतीश चंद्र के यहां शौचालय नहीं हैं। इधर, मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी। यदि खाल गांव में ग्रामीणों के शौचालय नहीं बने हैं, तो उन परिवारों की सूची बनाकर यहां शौचालय निर्माण करवाया जाएगा।