तहसील कर्णप्रयाग के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीण मरीजों को पैदल अस्पताल लाने के लिए मजबूर हैं। बृहस्पतिवार को कुंडडुंग्रा गांव के एक युवक की अचानक तबियत खराब होने पर ग्रामीण उसे पीठ पर लादकर करीब चार किमी पैदल चलकर सड़क मार्ग तक लाए। यहां से उसे 108 वाहन से सीएचसी कर्णप्रयाग में भर्ती कराया गया। सड़क सुविधा न होने से नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया।
कुंडडुंग्रा गांव के पुष्कर रावत, पूर्व प्रधान रीना देवी, विद्या भट्ट, मोहन प्रसाद, संजय जुयाल, शंभू प्रसाद, चंदन मिंगवाल, आनंद रावत, प्रदीप सिंह आदि ने बताया कि बृहस्पतिवार रात आठ बजे गांव के नीरज भट्ट की अचानक तबियत खराब होने पर ग्रामीण उसे पीठ पर लादकर चार किमी पैदल चलकर नौली बाजार तक लाए। उसके बाद 108 आपातकालीन वाहन की मदद से सीएचसी कर्णप्रयाग में भर्ती कराया। नाराज ग्रामीणों ने कहा कि गांव के लिए वर्ष 2017 में डिम्मर-कालूसैंण-कुंडडुंग्रा मोटर स्वीकृत हुआ था। सड़क निर्माण के लिए 53 लाख रुपये भी स्वीकृत हो चुके हैं, लेकिन लोनिवि की लापरवाही के कारण सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हो पाया है। सड़क नहीं बनने पर नाराज ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। लोनिवि गौचर के अधिशासी अभियंता एमएस रावत ने कहा कि सड़क निर्माण की फाइल शासन में गई है।