पिंडर घाटी सांस्कृतिक एवं पर्यटन मेले का सोमवार को लोक संस्कृति के रंगारंग कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। इस वर्ष का पिंडर सम्मान सुनाउं माल बज्वाड़ निवासी और वर्तमान में दून अस्पताल में वरिष्ठ फिजिशियन डा. शंकर दत्त जोशी को पिंडर घाटी में स्वास्थ्य और अन्य सामाजिक कार्यों में की गई सेवा के लिए दिया गया।
टीएचडीसी के उपमहाप्रबंधक लक्ष्मी प्रसाद जोशी, कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रोफेसर महेश जोशी, केंद्र सरकार के सचिवालय में कार्यरत बृजमोहन जोशी को भी प्रशस्ति पत्र और शॉल ओढ़ाकर विशेष सम्मान से नवाजा गया।
मेले में रविवार की सांस्कृतिक संध्या कौथगीर कला मंच कोटद्वार, जीआईसी और जीजीआईसी थराली, कर्णभूमि कलामंच कर्णप्रयाग के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम रही। बेडो पाको बारामासा... और झुमेलो नृत्यों की प्रस्तुतियां सराहनीय रहीं।
सोमवार को मेले में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी शाह ने कहा कि मेलों के आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों की छिपी प्रतिभाओं में निखार आता है। विधायक डा. जीतराम ने कहा कि मेलों के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए सरकार कार्य कर रही है।
इस मौके पर क्षेत्र पंचायत प्रमुख राकेश जोशी, खंड विकास अधिकारी लक्ष्मण बोरा, वन क्षेत्राधिकारी गोपाल सिंह विष्ट, पूर्व प्रमुख मगन लाल शाह, कुवंर सिंह रावत, नंदू बहुगुणा आदि ने विचार व्यक्त रखे। संस्कार कला मंच अल्मोड़ा ने गढ़ कुमाउंनी संस्कृति का शानदार नजारा पेश किया।
मां नंदा सुनंदा के जागर की प्रस्तुति, पी जा ऐ ठंडो पाणी पी जा..., छपेली छमला बिलोरा... और चांचरी गढ़वाली लोकगीत व नृत्य बाट च स्वांर व उतर प्रदेश का मयूर नृत्य बांके बिहारी की देख छटा की रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
राजकीय बालिका इंटर कालेज थराली की छात्राओं ने हिमवत देश होलो त्रिजुगीनारायण की प्रस्तुतियों ने दर्शकों की तालियां बटोरीं। समारोह में भाग लेने वाले सभी स्कूली छात्र-छात्राओं, महिला मंगल दलों, नवयुवक मंगल दलों और विभिन्न सांस्कृतिक टीमों को सम्मानित किया गया।