मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रविवार को जनता दरबार में कई जन समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से दो टूक कहा कि विकास कार्यों में हीला-हवाली की तो सस्पेंड तक की कार्रवाई की जाएगी।
पीजी कॉलेज के जिम हॉल में लगे जन दरबार में जनसमस्याएं सुनाने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। मेहलचौंरी के सुरेश कुमार ने विधायक निधि के कार्यों की धनराशि न मिलने की समस्या उठाई।
इस पर सीएम ने विकास विभाग के अधिकारियों को 15 दिनों में तीनों विधान सभाओं में विधायक निधि के कार्यों में धनराशि आवंटन की फाइल तलब की।
योग प्रशिक्षित संगठन के मीडिया प्रभारी शांति नौटियाल ने नियुक्ति, सुशील रावत ने नंदा देवी राजजात यात्रा के ढांचागत विकास के लिए एक करोड़ रुपये स्वीकृत करने, मालई की प्रधान आशा देवी ने जीआईसी नंदासैंण का नाम स्वर्गीय देवराम नौटियाल के नाम से रखने की मांग उठाई।
पूर्व विधायक कुंवर सिंह नेगी ने जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान मंडल में स्थायी निदेशक की तैनाती सहित वैज्ञानिकों की तैनाती की मांग उठाई। देवर-कंडेरी के बीडीसी सदस्य रोशन ने गांव में आठ साल से नलकूप योजना के बंद होने की शिकायत की।
कोथरा प्रधान राकेश नेगी ने कोथरा-कोटी पेयजल योजना पर सुचारु पेयजल आपूर्ति करने, धारकोट प्रधान लकेश तोपाल ने धारकोट पेयजल योजना से क्षेत्र के अन्य गांवों को भी लाभान्वित करने आदि की मांग उठाई। सीएम ने कहा कि शीघ्र ही बीपीएड और योग प्रशिक्षितों के 700 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सीएम ने उद्यान सचिव को टेलीफोन कर जड़ी-बूटी संस्थान में स्थायी निदेशक की तैनाती और यहां कार्य कर रहे कर्मचारियों के नियमितिकरण के प्रस्ताव को शासन को भेजने, जल निगम के ईई को शीघ्र दो माह में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। देर शाम तक भी जनता दरबार चलता रहा।
सड़क का काम रोकने के निर्देश
पूर्व प्रमुख देवी राम पंत ने कहा कि थराली-देवाल-मुंदोली मार्ग पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी यह मार्ग छोटे वाहनों के चलने लायक भी नहीं बना है। इस पर सीएम ने डीएम चमोली को सड़क की जांच करने और एडीबी को फिलहाल कार्य रोकने के निर्देश दिए।