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चारधाम यात्रा 2019: बरसात में धीमी पड़ी बदरीनाथ धाम की यात्रा, बारिश से ठंड में हुआ इजाफा

Fri, 19 Jul 2019 09:56 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपेश्वर
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बदरीनाथ धाम - फोटो : फाइल फोटो
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बारिश के कारण बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा अब धीमी पड़ गई है। इन दिनों धाम में दो हजार से पच्चीस सौ तीर्थयात्री ही भगवान बदरीनाथ के दर्शनों को पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को 2536 तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। जबकि अभी तक 878032 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम में मत्था टेकने पहुंचे हैं। बदरीनाथ धाम में इन दिनों मौसम सामान्य बना हुआ है। रुक-रुककर हो रही बारिश से धाम में ठंड में भी इजाफा हो गया है।

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बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर पहुंचे पूना के पिंपरी चिंच्वड़ के मुकुल जोशी, मंगेश आठली, ललिता गादिया और सानिया जैन ने बताया कि वे पहली बार बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर पहुंचे हैं। कई जगहों पर बारिश से बदरीनाथ को यात्रा पथ खस्ता हालत में है।

यात्रा पथ लामबगड़ में अवरुद्घ होने के कारण बृहस्पतिवार को उन्हें पीपलकोटी में ही रुकना पड़ा। शुक्रवार को रास्ता सही होने पर उन्होंने बदरीनाथ धाम के दर्शन किए। रास्ते की थकान से चूर थे, लेकिन भगवान बदरीनाथ के दर्शन करने से मन को शांति मिल रही है। बदरीनाथ की तीर्थयात्रा पर पहुंच रहे तीर्थयात्री माणा गांव में भीम पुल, व्यास गुफा, शेषनाग और अन्य देव स्थलों को देखने भी पहुंच रहे हैं।

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हेमकुंड में मत्था टेकने पहुंचे 196360 तीर्थयात्री

हेमकुंड साहिब में इस बार तीर्थयात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है। 19 जुलाई तक हेमकुंड साहिब में 196360 तीर्थयात्री पवित्र सरोवन में स्नान कर हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेक चुके हैं। हेमकुंड साहिब के कपाट प्रतिवर्ष 10 अक्तूबर को बंद होते हैं। बीते वर्ष हेमकुंड साहिब में दो लाख 29 हजार तीर्थयात्री मत्था टेकने पहुंचे थे।

इस बाद अत्यधिक बर्फबारी होने के कारण हेमकुंड साहिब के कपाट एक जून को खुले थे। जबकि इससे पूर्व 25 मई से हेमकुंड की तीर्थयात्रा शुरु हो जाती थी। हेमकुंड के पैदल रास्ते में अभी भी बर्फ जमी होने से तीर्थयात्री बर्फ का भी लुत्फ ले रहे हैं। पंजाब के सुखविंदर और जमन सिंह का कहना है कि वे पिछले पांच साल से प्रतिवर्ष हेमकुंड के दर्शनों को पहुंचते हैं। हेमकुंड जैसा स्थान कहीं और जगह नहीं देखा है।
 
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