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Chamoli News: तीर्थ पुरोहितों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर किया पिंडदान व तर्पण

Thu, 14 May 2026 05:27 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
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ब्रह्मकपाल में ऑनलाइन पूजा के नाम पर की जा ठगी के मामले में कार्रवाई नहीं होने से हैं नाराज
संवाद न्यूज एजेंसी
बदरीनाथ। ब्रह्मकपाल में ऑनलाइन पूजा के नाम पर ठगी के विरोध में ब्रह्मकपाल में तीर्थ पुरोहितों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और पिंडदान व तर्पण कार्य किए। उन्होंने चेतावनी दी यदि जल्द इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो बदरीनाथ धाम में आंदोलन किया जाएगा।
ब्रह्मकपाल तीर्थ के नाम पर कुछ लोग ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। एआई से वीडियो तैयार कर ब्रह्मकपाल में पितरों के नाम पर पूजा कराने की बात कहते हुए लोगों से बुकिंग कराने को कहा जा रहा है। तीर्थ पुरोहितों ने इस मामले में पुलिस महानिदेशक, पुलिस अधीक्षक चमोली व थाना बदरीनाथ को लिखित में शिकायत दी थी लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर तीर्थ पुरोहितों में नाराजगी है। ब्रह्मकपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत समिति के अध्यक्ष उमेश सती, संजय हटवाल, मदन कोठियाल व सुरेश हटवाल ने बताया कि ऑनलाइन ठगी के साथ कुछ असामाजिक तत्व तप्तकुंड व गांधी घाट के आसपास तीर्थयात्रियों से कर्मकांड करा रहे हैं। इसके विरोध में बृहस्पतिवार से तीर्थ पुरोहित बांह पर काली पट्टी बांधकर कार्य करने के लिए मजबूर हैं। जल्द इस मामले में उचित कार्रवाई न की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
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ब्रह्मकपाल क्षेत्र का है बड़ा धार्मिक महत्व

- ब्रह्मकपाल क्षेत्र में पिंडदान का खास महत्व है। मान्यता है कि यहां पिंडदान कराने के बाद पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। तीर्थ पुरोहित डॉ. बृजेश सती ने बताया कि पिंडदान व तर्पण ऑनलाइन करने का शास्त्रों में कहीं कोई विधान नहीं है। देश में चार जगहों पर पितरों के निमित्त पिंडदान व तर्पण किया जाता है। इसमें गया, काशी, हरिद्वार और ब्रह्मकपाल क्षेत्र हैं। यदि कोई व्यक्ति तीन स्थानों पर पिंडदान नहीं कर सकता है तो वह ब्रह्मकपाल में पिंडदान कर अपने पितरों को मोक्ष की प्राप्ति करवा सकता है।
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