जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र सिंह चौहान ने गुलदार की खाल के साथ पकड़े गए दो अभियुक्तों की सजा को बरकरार रखते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी। दोनों अभियुक्तों को वर्ष 2013 में गुलदार की खाल के साथ गिरफ्तार किया गया था।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रकाश सिंह भंडारी ने बताया कि 15 मई 2013 को पुलिस ने कांडई घाट बाजार से सुदामा लाल और जसपाल सिंह को गुलदार की एक-एक खाल के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चमोली ने 12 मई 2016 को दोनों अभियुक्तों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। साथ ही 20-20 हजार का अर्थदंड भी लगाया था। जुर्माना नहीं भरने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई थी। दोनों अभियुक्तों ने इस फैसले को जिला एवं विशेष सत्र न्यायाधीश राजेंद्र सिंह चौहान की अदालत में चुनौती दी थी। जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने बहस सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चमोली के फैसले को यथावत करते हुए याचिका खारिज कर दी।