तपोवन सुरंग के अंदर से इस तरह आ रहा पानी।
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आपदा के 19वें दिन भी रैणी और तपोवन क्षेत्र में मलबा हटाने और लोगों की खोज का अभियान जारी रहा। बैराज साइट और टनल से मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनें लगी रही। बृहस्पतिवार को भी यहां कोई शव नहीं मिला है। टनल के पीछे से लगातार मलबा और पानी आ रहा है, जिससे काम करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अभी तक आपदा में मारे गए 70 लोगों के शव और 30 मानव अंग बरामद हो चुके हैं। इनमें 40 की पहचान हुई है। जिनकी शिनाख्त नहीं हुई है, उनके डीएनए सैंपल सुरक्षित रखे जा रहे हैं।
उधर, एनटीपीसी के महाप्रबंधक आरपी अहिरवार का कहना है कि हम सुरंग में एसएफटी के समीप तक पहुंच चुके हैं। यहां भारी मात्रा में मलबा और पानी आने से भारी दिक्कतें आ रही हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखकर हम आगे बढ़ रहे हैं। बैराज साइट में भी धौली नदी में भारी भरकम पत्थर को तोड़ने के लिए ब्लास्ट किया जा रहा है, जिससे पानी का प्रभाव बैराज की तरफ न हो। तीन दिनों से अभी तक कोई भी शव नहीं मिला है। संवाद