चेक बाउंस मामले में न्यायालय ने सुनाई सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। चेक बाउंस के एक मामले में न्यायालय ने ऋण के लिए गारंटर बने व्यक्ति को दोषी करार देते हुए तीन माह के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 91 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। व्यक्ति की ओर से बैंक को दिया गया चेक बाउंस हो गया था। न्यायालय ने अर्थदंड में से 90 हजार रुपये बैंक को प्रतिकर के रूप में देने तथा शेष एक हजार रुपये राजकोष में जमा करने का आदेश दिया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/एसीजेएम नदीम अहमद की अदालत में चले मामले के अनुसार एक व्यक्ति के पिता ने सरकारी बैंक से व्यवसाय के लिए 2.15 लाख रुपये का ऋण लिया था और उक्त व्यक्ति इस ऋण में गारंटर था। ऋण की बकाया राशि के भुगतान के लिए व्यक्ति की ओर से दिया गया 85,942 रुपये का चेक 31 मार्च 2026 को बाउंस हो गया था। चेक बाउंस होने के बाद आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा गया लेकिन निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया गया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को चेक बाउंस के तहत दोषी पाया। इसके बाद उसे तीन माह के कारावास की सजा सुनाई गई।