पंडाव और केडा गांव के लोग सड़क के अभाव में कई किलोमीटर पैदल चलकर आदिबदरी बाजार पहुंचते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है जब गांव में कोई व्यक्ति गंभीर बीमार हो जाता है।
पंडाव गांव के सामाजिक कार्यकर्ता बिलोक सिंह ने बताया कि तीन दशक से भी अधिक समय से पंडाव व केड़ा के ग्रामीण मोटर मार्ग के निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। सीएम, डीएम, एसडीएम, जेई, एई और मंत्रियों से ग्रामीण सड़क के लिए गुहार लगा चुके हैं लेकिन उनकी फरियाद को हमेशा अनसुना किया गया। सड़क के अभाव में अब तक कई बीमार जान गंवा चुके हैं। हाल ही में गांव के अंकित सिंह और छिमुली देवी को इलाज के लिए अस्पताल लाते समय उनकी जान चली गई थी। खेत गांव के पूर्व प्रधान दीपक मलगुडी और पूर्व ज्येष्ठ उपप्रमुख करण सिंह ने कहा कि गांव के बच्चे प्रतिदिन जीआईसी कांसुवा आने के लिए 16 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हैं। केडा गांव में 55 परिवार व पंडाव में 57 परिवार रहते हैं।
लोक निर्माण विभाग गौचर के एई एमएस रावत का कहना है कि इन दोनों गांवों को मोटर मार्ग से जोड़ने के लिए विभाग की ओर से प्रयास जारी हैं। देहरादून से डिजिटल मैप मिलने के बाद सड़क निर्माण के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।