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कंपनी के गेट पर डाला झूला क्रमिक धरना शुरू

Wed, 24 Jun 2015 10:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,चमोली
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विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में रोजगार और संपूर्ण बंड क्षेत्र को प्रभावित श्रेणी में शामिल करने की मांग पर कंपनी प्रबंधन की ओर से कार्रवाई न होने से नाराज दो आंदोलनकारियों ने विरोध का अलग तरीका अपनाया।
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उन्होंने कंपनी के मुख्य द्वार पर झूला बनाया और वहां बैठकर क्रमिक धरना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस चौकी पीपलकोटी से टीम मौके पर पहुंची, लेकिन देर शाम तक भी पुलिस दोनों ग्रामीणों को उतारने में नाकाम रही।


21 दिनों से रोजगार और संपूर्ण बंड क्षेत्र को प्रभावित श्रेणी में शामिल करने की मांग को लेकर प्रभावित आंदोलनरत हैं। 11 जून को कंपनी प्रबंधन और ग्रामीणों में समझौता हुआ था, जिसके अनुसार कंपनी प्रबंधन ने क्षेत्रीय सौ युवाओं को शीघ्र रोजगार देने की बात कही थी, लेकिन 10 बाद भी कंपनी की ओर से समझौते पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे नाराज आंदोलनरत कामरेड बस्ती लाल और विक्रम लाल ने बुधवार सुबह कंपनी के मुख्य द्वारा पर रस्सी और चारपाई के सहारे झूला बनाया और यहीं क्रमिक धरना शुरू कर दिया।
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मौके पर पहुंची पुलिस भी दोनों को नीचे नहीं उतार पाई। आंदोलनकारियों ने कहा जब तक उनकी मांगों पर कंपनी प्रबंधन की ओर से कार्रवाई शुरू नहीं की जाती वे आंदोलन जारी रखेंगे।

इस मौके पर बंड नागपुर संघर्ष समिति के संरक्षक गौरव फरस्वाण, अध्यक्ष नवीन मटियाल, अयोध्या प्रसाद हटवाल, लक्ष्मी देवी, रामेश्वरी देवी, हेमा देवी, ऊषा देवी और रेखा देवी आदि मौजूद थे।
आंदोलनकारियों पर धमकाने का आरोप

एचटी कंपनी की वर्करस यूनियन ने पुलिस से की सुरक्षा की मांग
विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य कर रही हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी की वर्करस यूनियन ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग की।

यूनियन अध्यक्ष राकेश भंडारी, महासचिव विनोद भंडारी और कार्यकारी अध्यक्ष सुनील कुमार ने कोतवाली चमोली में लिखित शिकायत देकर क्षेत्र में आंदोलन कर रहे बंड नागपुर संघर्ष समिति के सदस्यों की ओर से मारपीट करने की धमकी देने का आरोप लगाया।

कहा गया कि आंदोलनरत ग्रामीणों की ओर से कंपनी के कर्मचारियों को परियोजना के डैम साइट पर जाने से रोका जा रहा है और मारपीट करने की धमकी दी जा रही है। पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलनकारी निर्माण कार्य रोकने के लिए योजनाबद्ध तरीके से महिलाओं को भेज रहे हैं।


उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और कर्मचारियों को सुरक्षा देने की मांग की। इधर, थानाध्यक्ष चमोली बीएल भारती का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, यदि मामले में कोई भी दोषी पाया जाता है तो नियमानुसार उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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