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नशे में तैनाती स्थल पहुंचे डॉक्टर का जनप्रतिनिधियों ने किया घेराव

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लगातार ड्यूटी से नदारद व नशे में धुत मिले पशुपालन विभाग के चिकित्साधिकारी का जनप्रतिनिधियों ने घेराव किया। उन्होंने प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग की। यही नहीं उक्त डॉक्टर तैनाती के आदेश के दो माह बाद देवाल पहुंचा था और रजिस्ट्रर में अपनी हाजिरी भी लगा दी थी। दूसरी ओर पुलिस ने नशे में धुत डॉक्टर का मेडिकल करवाकर पुलिस एक्ट में चालान कर 500 रुपये का चालन किया।
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पशुपालन विभाग के डॉ. शावंत पंवार ने वर्ष 2017 में पशुपालन केंद्र देवाल में तैनाती दी थी। तैनाती के बाद से लगातार अनुपस्थित रहने पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर उनका वेतन भी रोका गया। पांच जुलाई 2021 को डॉ. शावंत पंवार को हरिद्वार अटैच कर दिया गया था। सरकार ने अटैचमेंट व्यवस्था समाप्त करने के बाद उनको 27 अगस्त 2022 को पुन: मूल तैनाती देवाल भेज दिया। मगर उन्होंने यहां तैनाती नहीं दी। करीब दो माह बाद सोमवार 21 नवंबर को डॉ. शावंत कुमार देवाल पहुंचे और उन्होंने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से मौके पर ही हाजिरी रजिस्टर मंगवाया और 27 अगस्त से 21 नवंबर तक की उपस्थिति दर्ज करा दी। यह देख जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों ने उनका घेराव किया और डॉक्टर को पशुपालन अस्पताल ले आए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्वास्थ्य केंद्र देवाल में डॉक्टर का मेडिकल करवाने के बाद पुलिस एक्ट में चालान किया। वहीं, मुख्य पशुपालन अधिकारी डॉ. प्रलंकननाथ ने कहा कि विभाग के निदेशक से इस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। वहीं चौकी प्रभारी दिनेश पंवार ने बताया कि डॉक्टर नशे में पाया गया जिस पर पुलिस एक्ट में 500 रुपये का चालान किया गया। आगे की कार्रवाई संबंधित विभाग करेगा। इस दौरान भाजपा के मंडल अध्यक्ष शीतल गड़िया, युवा मोर्चा के अध्यक्ष तेजपाल सिंह, प्रधान संघ अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट, व्यापार संघ अध्यक्ष सुरेंद्र रावत, प्रधान मनोज कुमार, सुरेंद्र खत्री, राजेंद्र कुनियाल, उमेद सिंह सहित कई शामिल रहे।
पशुपालन मंत्री से फोन पर की वार्ता
ब्लॉक प्रमुख डॉ. दर्शन दानू ने पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा व सचिव पुरुषोत्तम से दूरभाष से बात की और मामले से अवगत कराया। मंत्री व सचिव ने प्रमुख से लिखित शिकायत व घटना की वीडियो भेजने को कहा। वहीं सीटू के जिलाध्यक्ष मदन मिश्रा ने कहा कि डॉक्टर लगातार ड्यूटी से गायब रहा फिर भी कैसे उन्हें वेतन मिलता रहा। उन्होंने इस अधिकारी के वेतन आहरण करने वाले अधिकारी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की।
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