सड़क की स्वीकृति न मिलने पर कैल के ग्रामीण स्वयं श्रमदान कर गांव तक सड़क पहुंचाने में जुट गए हैं। ग्रामीण बोल्डरों को आग से तोड़ रहे हैं। अभी तक ग्रामीण 500 मीटर सड़क बना चुके हैं। जबकि कुल सड़के डेढ़ किमी है। उनके हौसले को देखते हुए दिल्ली में रह रहे प्रवासी से लेकर आसपास के ग्रामीण उनकी सराहना कर रहे हैं।
देवाल के अधिकांश दूरस्थ गांवों तक सड़क पहुंच चुकी है लेकिन मुख्यालय के नजदीक का कैल गांव सड़क सुविधा से वंचित है। लोग सरकार से वर्षों से सड़क की मांग कर रहे हैं लेकिन सड़क स्वीकृत न होने से ग्रामीणों में रोष है। जब सरकार ने मांग नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने श्रमदान कर सड़क बनाने का निर्णय लिया। सभी ने धनराशि एकत्रित की और बेलचा, फावड़ा व अन्य सामान जुटाया। इसके बाद गांव की महिला व पुरुष सड़क बनाने में जुट गए हैं। सड़क कटिंग में बाधा बने दो विशाल पत्थर को आग से जलाकर तोड़ा जा रहा है। प्रधान जीवन मिश्रा ने कहा कि सड़क नहीं होने से लोगों को कई परेशानी हो रही है। उन्हें गंतव्य तक पहुंचने के लिए डेढ़ किमी पैदल चलना पड़ता है। कहा कि ग्रामीण निर्माण में ग्रामीण बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। जल्द ही गांव तक सड़क पहुंच जाएगी। मशीन का प्रयोग न कर गैंती, फावड़ा, बेलचे का प्रयोग किया जा रहा है।