वोट डालने के लिए शहर से गांवों के लिए रवाना हुए लोग
रहते तो शहर में हैं लेकिन गांवों में है मतदान
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। नगर में रहने वाले सैकड़ों लोगों के नाम उनके गांव की मतदाता सूची में हैं। इसलिए शुक्रवार को वोट डालने के लिए मतदाता बृहस्पतिवार शाम को ही अपने-अपने गांवों के लिए रवाना हो गए। सुबह से ही कई जगहों पर यही आवाज सुनाई दे रही थी चला भैजी, चला दीदी वोट दैंण अपणा गौं जोला...।
कर्णप्रयाग में व्यापार करने वाले स्वर्का गांव निवासी अशोक मैखुरी कहते हैं कि उनका मतदाता सूची में नाम अपने गांव में हैं। लिहाजा वो शुक्रवार सुबह पत्नी के साथ वोट देने अपने गांव जाएंगे। वहीं कांचुला निवासी हेमंत डिमरी ने बताया कि उनका वोट भी गांव में है इसलिए परिवार के साथ अपने गांव के लिए बृहस्पतिवार शाम को ही रवाना हो गए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े युवा भुवन सिरस्वाल भी वोट देने के लिए अपने गांव रवाना हो गए हैं। वहीं व्यापार संघ के पूर्व सचिव उमेश खंडूड़ी भी गांव में वोट डालेंगे। महाविद्यालय के छात्र यश खंडूड़ी, छात्र नेता आयुष नेगी आदि ने बताया कि पढ़ाई के लिए यहां रहने वाले अधिकतर छात्र-छात्राएं भी मतदान करने के लिए अपने गांवों को जा चुके हैं। सभी लोगों के गांव करीब 15 से 20 किमी दूर हैं।