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जुगाड़ की बिजली लाइनों से खतरा

Mon, 04 Jan 2016 10:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कर्णप्रयाग।
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डोंठला गांव में एक साल पूर्व हुई बर्फबारी से क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों की मरम्मत अभी तक नहीं हो पाई है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत चल रही बिजली लाइनें यहां दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है, लेकिन निगम एक साल एक माह बीतने के बाद भी क्षतिग्रस्त पोलों और तारों को नहीं बदल पाया है।
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डोंठला की प्रधान अनीता देवी, दिनेश असवाल, रघुवीर सिंह पुंडीर, यशवीर सिंह, नरेंद्र सिंह बिष्ट आदि ने कहा कि दिसंबर 2014 में बर्फबारी से 60 से अधिक परिवारों वाले इस गांव के करीब छह से अधिक बिजली के पोल और लाइनें क्षतिग्रस्त हुई थीं। करीब एक माह तक गांव में अंधेरे के बाद स्थानीय युवाओं ने क्षतिग्रस्त पोलों और तारों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जोड़ा।

स्थिति यह रही कि निगम का आला अधिकारी तो दूर लाइनमैन भी अब तक गांव में इन लाइनों का निरीक्षण करने नहीं आया है। क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी जोशी ने कहा कि लगातार मामले को अधिकारियों के सामने उठाने के बावजूद समस्या का हल नहीं हो रहा है।
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ऐसे में अब बृहद आंदोलन किया जाएगा। दूसरी ओर ऊर्जा निगम के एसडीओ गुलशन बुलानी ने कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत कर दी गई है। यदि कहीं दिक्कत होगी तो उसे दिखवाया जाएगा। ग्रामीण लाइनों की मरम्मत का प्रस्ताव दीनदयाल ज्योति योजना में है। स्वीकृति मिलने पर ही काम होंगे।

सड़क और पंचायत घर भी नहीं
डोंठला गांव के लिए सड़क का सर्वे एक साल पहले विभाग ने किया, लेकिन अभी तक कार्रवाई सर्वे से आगे नहीं बढ़ पाई। यहां पंचायत भवन न होने से खेत में ग्राम पंचायत की खुली बैठक होती है। स्थिति यह है कि गांव के बीचों-बीच गुजर रहा गदेरा बरसात में गांव के लिए खतरा बना है, लेकिन सुरक्षा इंतजाम अभी तक फाइलों में ही है।
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