पिंडरघाटी के ग्वालदम, तलवाड़ी, लोल्टी, चेपड़ों, जोला, थराली आदि स्थानों पर भारी बारिश से लोग सहम गए हैं। वहीं, थराली-देवाल मोटर मार्ग पर कोठी गांव के पास चट्टान से पत्थर और मलबा हटने से एक घंटे यातायात बाधित रहा। मुसाफिरों ने खुद पत्थर हटाकर सड़क चलने लायक बनाई। कुछ समय बाद पीडब्ल्यूडी की जेसीबी ने मलबा साफ किया।
वहीं, नंदकेशरी-जौला सड़क पर कूना गदेरे के पास सड़क पर एक चीड़ का पेड़ टूटकर आ गिरा। बाद में सड़क छोटे वाहनों के लिए खोल दी गई। ग्वालदम-खंपाधार और सेरा विजयपुर-तलवाड़ी मोटर मार्ग बंद हो गए। सड़क के बीचों-बीच पानी से सड़क गहरी नाली में तब्दील हो गई। पीएमजीएसवाई के अवर अभियंता प्रदीप नौटियाल ने कहा कि तीन-चार सड़कों के लिए एक ही जेसीबी है। सभी सड़कों को जल्द खोलने की कोशिश की जा रही है।
मलबा आने से बार-बार बंद होता रहा बदरीनाथ हाईवे
कर्णप्रयाग। बदरीनाथ हाईवे पर उमा माहेश्वर आश्रम के पास पहाड़ी से बार-बार मलबा आने से हाईवे बाधित होता रहा। एनएच की जेसीबी ने मलबा हटाकर यातायात बहाल करवाया।
सोमवार रात को कर्णप्रयाग में भारी बारिश हुई, जिससे उमा माहेश्वर आश्रम के पास हाईवे पर मलबा पत्थर आ गया। ऐसे में हाईवे सुबह आधे घंटे और उसके बाद दोपहर में करीब एक घंटे बंद रहा। इस दौरान कई वाहन जाम में फंसे रहे। एनएच के जीएम संदीप कार्की ने बताया कि स्लाइड जोन वाले स्थानों पर मशीनें हर समय तैनात हैं। जैसे ही मलबा सड़क पर आ रहा है उसे हटाकर हाईवे खोल दिया जा रहा है। इसके अलावा बारिश से सिमली-शैलेश्वर, सिमली-बेनीताल आदि सड़कों पर भी पत्थर गिरने से लोगों को आवाजाही में दिक्कत हुई।