कर्णप्रयाग। रतूड़ा गांव में चल रहे धार्मिक महोत्सव के समापन पर देवी के दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। ग्रामीणों ने मंदिर में पूजा कर देवताओं से आशीर्वाद मांगा। देवी के पश्वाओं ने परंपरागत वेशभूषा में देवनृत्य किया। देवी के दर्शनों को गांव में आईं ध्याणियों को फल-फूल और प्रसाद देकर विदा किया गया।
रतूड़ा गांव में इस वर्ष 11 साल बाद 27 दिसंबर से मां गोरजा मंदिर में ग्रामीणों की ओर से देव आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को ग्रामीणों सहित ध्याणियों व घंडियाल, धारकोट, सिमतोली, एरवाड़ी, नौली, बगोली, कर्णप्रयाग, सिमली, बणगांव, र्स्वका, चूलाकोट, केदारूखाल, मठोली आदि गांवों से पहुंचे सैकड़ों भक्तों ने देवी के दर्शन किए। सुबह मंदिर में वेदमंत्रों के उच्चारण के साथ देवताओं का आह्वान किया गया। उसके बाद मंदिर परिसर में ढोल दमाऊं की थाप पर देवी के पश्वा अवतरित हुए। इस मौके पर सुदीश पुजारी, विनोद रतूड़ी, माहेश्वरी, नीमा, रजनी, शोभा, आशा, रोशनी, राजेंद्र प्रसाद, भरत प्रसाद, कैलाश चंद्र, सतेश्वर प्रसाद, हरीश रतूड़ी, वाचस्पति प्रसाद, दिनेश कंडवाल, राकेश रतूड़ी, उद्धव मलगुड़ी आदि मौजूद रहे।