खेल विभाग और युवा कल्याण विभाग के एकीकरण पर चमोली जिले के विभिन्न खेल संघों ने आपत्ति जताई है। उन्होंने खेल और युवा कल्याण सचिव को ज्ञापन भेजकर इन विभागों का विलय नहीं करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को विभिन्न खेलों में दक्ष करने के लिए राज्य सरकार की ओर से तकनीकी प्रशिक्षक और अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं। इसके लिए डिप्लोमा प्राप्त प्रशिक्षकों, खेल विशेषज्ञों को ही नियुक्त किया जाता है। खेल विभाग के प्रयासों से ही बालक-बालिकाएं राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय और ओलंपिक तक गए हैं। जबकि युवा कल्याण विभाग के अधिकारी की नियुक्ति के लिए इस तरह की कोई शर्त अनिवार्य नहीं होती है। दोनों के विलय से खेल विभाग अपने उद्देश्यों की पूर्ति से दूर होता जाएगा। ज्ञापन भेजने वालों में हैंडबॉल संघ चमोली के महासचिव प्रियंक किमोठी, एथलेटिक्स संघ चमोली के महासचिव गोपाल सिंह, फुटबाल संघ चमोली के महासचिव तनवीर अहमद, बैडमिंटन संघ चमोली के कोषाध्यक्ष हेम दरमोड़ा, टेबल टेनिस संघ चमोली के अध्यक्ष डा. यदुनंदन भट्ट, वॉलीबाल संघ चमोली के अध्यक्ष आलोक सिंह रावत शामिल थे