संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। विकासखंड की गौचर-ढमढ़मा सड़क के सुधारीकरण से खतरे की जद में आए स्मारक की सुरक्षा के लिए विभाग ने 13 हजार तय किए हैं। पांच साल से यह मामला सिर्फ इसलिए लटका है कि आखिर 13 हजार में कौन से और कैसे सुरक्षा कार्य होंगे।
12 मई 1999 को अपने गांव के जंगल को आग से बचाने में प्राणों की आहुति देने वाली बरतोली के तोलसैंण निवासी स्व. बीना का स्मारक आज खतरे की जद में है। यहां ग्रामीणों की मांग और बीना स्मृति फाउंडेशन के प्रयास से 2001 में केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने स्मारक का निर्माण किया।
लेकिन करीब पांच साल पहले पीएमजीएसवाई द्वारा गौचर-ढमढ़मा सड़क का सुधारीकरण किया गया। इससे यह स्मारक खतरे की जद में आ गया। ग्रामीण तब से स्मारक को शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं। स्व. बीना स्मृति फाउंडेशन के सचिव जितेंद्र कुमार का कहना है कि स्मारक के नजदीक स्व. बीना के परिजनों ने आधा नाली करीब खेत स्मारक के लिए दान दिया है।
लेकिन सवाल है कि 13 हजार में स्मारक कैसे शिफ्ट होगा। यही नहीं शिफ्ट होने पर नई जगह पर समतलीकरण सहित स्मारक बनाने के लिए कार्य किया जाना है। जिसके चलते यह मामला कई साल से लटका है।
कोट,,,,,,,,,,
सड़क कटिंग से स्मारक को कोई खतरा नहीं है। ग्रामीणों की सहमति से सुरक्षा या शिफ्ट करने के लिए 13 हजार का एस्टीमेट बना है। इसके तहत स्मारक पर टाइल्स और प्लास्टर वर्क होना है। कई बार ग्राम पंचायत से आवेदन मांगे गए। लेकिन किसी का आवेदन नहीं आया। आवेदन आएगा तो काम के लिए पैसा रिलीज कर दिया जाएगा। -सचिन कुमार, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई कर्णप्रयाग