डीएम ने कहा, शासकीय कार्य जिस स्तर पर लंबित मिलेंगे, संबंधित पर होगी कार्रवाई
डीएम ने बुधवार को राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ की समीक्षा बैठक
गोपेश्वर। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में जब उन्होंने बदरीनाथ हाईवे स्थित पीपलकोटी नगर क्षेत्र में जीएसटी में पंजीकृत होटलों की संख्या पूछी तो जीएसटी अधिकारी जानकारी नहीं दे सके जिस पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी केवल चालान तक सीमित न रहें बल्कि होटलों का अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित करें। साथ ही चेतावनी दी कि शासकीय कार्य जिस स्तर पर लंबित मिलेंगे संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।डीएम ने लंबित विकास कार्यों, राजस्व वसूली, न्यायालय, थाना व तहसील स्तर के वादों की समीक्षा की। उन्होंने औली, बदरीनाथ, ज्योतिर्मठ सहित अन्य नगरों में चारधाम यात्रा से पहले होटलों का जीएसटी पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला पूर्ति अधिकारी को राशन डीलरों को अग्रिम खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने और गुणवत्ता जांच के निर्देश दिए गए। एसडीएम को राशन दुकानों का निरीक्षण, पुलिस व आबकारी को अवैध शराब पर संयुक्त अभियान, एसडीएम को पुलिस के साथ अवैध खनन रोकने और एआरटीओ को वाहनों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए। बैठक में एसपी सुरजीत सिंह पंवार, एडीएम विवेक प्रकाश, एसडीएम राजकुमार पांडे सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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राशन न उठाने वाले डीलरों का करें लाइसेंस निरस्त
- पोखरी क्षेत्र में एक राशन डीलर की ओर से अभी तक जनवरी का राशन न उठाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को डीलर के लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए। कहा कि गोदामों से राशन उठाने में हील-हवाली करने वाले राशन डीलरों को चेतावनी देकर उनके लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई करें। डीएम ने संबंधित क्षेत्रों के उपजिलाधिकारियों को भी राशन गोदामों का निरीक्षण करने व खाद्यान्न की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए। संवाद
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पुराने हथियारों को जमा करें: डीएम
- जिलाधिकारी ने जनपद में हथियारों के लाइसेंस की जानकारी भी ली। कहा कि किसी के पास भी यदि पुराने हथियार हैं तो वे शीघ्र उन्हें जमा करें। अंग्रेजी हुकूमत के दौरान किसी के पास यदि दो नाली बंदूक थी और घर में रखी है तो उसे भी तत्काल जमा किया जाए। डीएम ने कहा कि एक लाइसेंस पर दो ही हथियार रखने की अनुमति है। पटल अधिकारी ने बताया कि जनपद में 2400 लाइसेंसी हथियार हैं, जिनमें से 700 हथियार ही संचालित हो रहे हैं। संवाद