रैंस से चोपता गांव को सड़क से जोड़ने वाली 30 मीटर सड़क पहले भूमि विवाद के चलते आठ साल तक लटकी रही और अब भूस्वामियों ने हामी भरी तो सड़क का निर्माण रैंस के अन्य ग्रामीणों के विवाद के कारण लटक गया।
हालांकि चोपता के ग्रामीणों के आंदोलन के बाद विभाग हरकत में आया और सड़क निर्माण के लिए सुरक्षा कर्मी उपलब्ध कराने की मांग तहसील प्रशासन से की, लेकिन दस दिन बीत गए प्रशासन अभी तक सुरक्षा कर्मी तक नहीं भेज पाया है। ग्रामीण सड़क निर्माण के इंतजार में तहसील परिसर में धरने पर बैठे हैं।
वर्ष 2007-08 में जिला योजना के तहत 1 किमी मोटर मार्ग की स्वीकृति मिली थी, लेकिन 970 मीटर मोटर मार्ग का निर्माण करने के बाद रैंस गांव के ग्रामीणों ने आगे मार्ग निर्माण रोक दिया था। तब से अभी तक इस 30 मीटर मोटर मार्ग पर विवाद का हल नहीं हो पाया है।
रैंस और चोपता के ग्रामीणों की प्रशासन व लोक निर्माण विभाग के साथ बातचीत हो चुकी है, लेकिन रैंस के अन्य ग्रामीणों के विवाद के बाद सड़क निर्माण नहीं हो पाया। चोपता गांव की प्रधान ऊषा देवी का कहना है कि प्रशासन के सामने तो रैंस गांव के ग्रामीण हां करते हैं लेकिन जैसे ही मार्ग निर्माण के लिए लोनिवि की मशीन स्थल पर पहुंचती है तो रैंस गांव के कुछ ग्रामीण काम नहीं करने देते।
ऐसे में विभाग ने रैंस के छह ग्रामीणों पर 17 नवंबर को मुकदमा भी दर्ज किया, लेकिन अभी तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।