जिला प्रशासन ने नीती और माणा घाटी के ग्रामीणों को छह माह तक के लिए अपने पैतृक घरों में जाने की अनुमति दे दी है। ग्रामीणों को सीमांत क्षेत्रों में जाने से पहले उपजिलाधिकारी जोशीमठ से अनुमति लेनी जरूरी होगी।
नीती व माणा घाटी में भोटिया जनजाति के ग्रामीण निवास करते हैं। कृषि कार्य के लिए ग्रामीण ग्रीष्मकाल में छह माह तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहते हैं। अप्रैल माह तक ग्रामीण अपने गांवों में लौट जाते थे, लेकिन इस बार लॉकडाउन के कारण ग्रामीण घाटी में नहीं जा पा रहे थे। ग्रामीणों की मांग पर डीएम स्वाति एस भदौरिया ने कृषि कार्य के लिए ग्रामीणों को अपने पैतृक गांवों में जाने की अनुमति दे दी है। जोशीमठ के उपजिलाधिकारी अनिल चन्याल ने बताया कि ग्रामीणों को कार्यालय में आधार कार्ड के साथ आवेदन पत्र जमा करना होगा। सिर्फ चमोली जिले में रह रहे ग्रामीणों को ही सीमांत क्षेत्रों में जाने की अनुमति दी जाएगी। ब्यूरो