चमोली की नगर पंचायत नंदप्रयाग ने ट्रंचिंग ग्राउंड को ईको पार्क के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। इस पर कार्य भी शुरू हो गया है। योजना के तहत ट्रंचिंग ग्राउंड को जीरो डंपिंग जोन बनाया जाएगा, इसके बाद ऊपरी हिस्से में ईको पार्क बनाया जाएगा। इस पर पंचायत एक करोड़ पांच लाख रुपये खर्च कर रही है। चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित होने के कारण यात्रा पर पहुंचने वाले तीर्थयात्री इस पार्क में अपनी थकान मिटाएंगे।
नंदप्रयाग क्षेत्र की आबादी लगभग 2500 है। नंदप्रयाग नगर से प्रतिदिन लगभग चार क्विंटल कूड़ा एकत्रित किया जाता है। कूड़ा डंपिंग जोन नगर पंचायत के लिए सबसे बड़ी समस्या है। अभी तक कूड़े का निस्तारण बदरीनाथ हाईवे पर हिलेरी पार्क के समीप किया जाता है। अब पंचायत ने इसी ट्रेचिंग ग्राउंड को ईको पार्क के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। ट्रंचिंग ग्राउंड में जैविक और अजैविक कूड़े के लिए भूमिगत पिट बनाए जाएंगे। सौ फीसदी जैविक कूड़े को कंपोस्ट कर खाद बनाई जाएगी, जबकि अजैविक कूड़ा रिसाइकिल किया जाएगा। ट्रंचिंग ग्राउंड के जीरो डंपिंग जोन में तब्दील होने के बाद इसके ऊपरी हिस्से में ईको पार्क विकसित किया जाएगा। पार्क को विकसित करने में नगर पंचायत एक करोड़ पांच लाख की धनराशि खर्च करेगा। प्रथम चरण में पांच लाख रुपये से जीरो डंपिंग जोन का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, जबकि एक करोड़ का प्रस्ताव शहरी विकास मंत्रालय को भेजा है।
कोट
नगर पंचायत में कूड़ा निस्तारण की बड़ी समस्या थी। अब ट्रेचिंग ग्राउंड को जीरो डंपिंग जोन में तब्दील कर इसे ईको पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका कार्य भी शुरू कर दिया गया है। नगर के मोहल्लों में डोर टू डोर सफाई की जा रही है, जबकि नगर में सुबह, दोपहर व शाम को सफाई की जा रही है। - डा. हिमानी वैष्णव, अध्यक्ष, नगर पंचायत, नंदप्रयाग।