पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण बंद हो गई है जिससे नंदानगर ब्लॉक के करीब 120 गांवों की आवाजाही ठप पड़ गई है। कई ग्रामीण पहाड़ी से छिटके बोल्डरों के ऊपर से ही जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
मानसून की पहली बारिश से चमोली जिले की करीब 12 सड़कें बंद हो गई हैं जबकि चार सड़कें पहले से ही बंद हैं। सड़कों को खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। वहीं नंदप्रयाग-नंदानगर (19 किलोमीटर) सड़क नंदप्रयाग के वन चौकी के समीप पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण बंद हो गई है जिससे नंदानगर ब्लॉक के करीब 120 गांवों की आवाजाही ठप पड़ गई है। कई ग्रामीण पहाड़ी से छिटके बोल्डरों के ऊपर से ही जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
रविवार को हुई बारिश से भूस्खलन हुआ और जिले की कई सड़कें बंद हो गईं। बंद सड़कों में लोनिवि गोपेश्वर के अंतर्गत बिरही-गौणा, वैतरणी-सिरोखोमा, मायापुर-श्रीकोट, मंडल-कांडई, नंदप्रयाग-नंदानगर-सुतोल कनोल, लोनिवि थराली की थराली-कुराड़, पीएमजीएसवाई कर्णप्रयाग-1 की सुगर बैंड से सिलपाटा, पीएमजीएसवाई कर्णप्रयाग-2 की भगणा-मछकोला-बरतोली, एनपीसीसी कर्णप्रयाग की परखाल-सिलोड़ी और देवाल-मुंदोली-ताजपुर कांडई समेत कई सड़कें शामिल हैं। वहीं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई हैं। नंदानगर सड़क को मंगलवार तक खोल दिया जाएगा।