गोपेश्वर में डॉ. हर्षवंती बिष्ट को गंगोत्री क्षेत्र में भोजपत्र के वनों को संरक्षित और विकसित करने के लिए 2025 का केदार सिंह रावत पर्यावरण पुरस्कार मिलेगा। चयन समिति ने उनके दीर्घकालिक पर्यावरणीय योगदान को मान्यता दी है।
गंगोत्री क्षेत्र में भोजपत्र के वनों को बचाने और नए वन विकसित करने पर हुआ चयन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। प्रसिद्ध पर्वतारोही एवं शिक्षाविद डाॅ. हर्षवंती बिष्ट को 2025 के केदार सिंह रावत पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें गंगोत्री क्षेत्र में भोजपत्र के वनों को बचाने और भोजपत्र के नए वन विकसित करने के उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा। शुक्रवार को चयन समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश भट्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में डाॅ. हर्षवंती बिष्ट के नाम पर सहमति बनी। पुरस्कार के तहत प्रशस्तिपत्र, अंगवस्त्र व नकद धनराशि दी जाती है।
चंडी प्रसाद भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र की ओर से केदारघाटी के रामपुर-फाटा में चिपको आंदोलन के अग्रणी नेता रहे स्व. केदार सिंह रावत की याद में 2014 से यह पुरस्कार दिया जाता रहा है। केदार सिंह रावत पर्यावरण पुरस्कार चयन समिति के सचिव मंगला कोठियाल ने बताया कि नंदा देवी शिखर पर आरोहण करने वाली पहली भारतीय महिला और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित डॉ. हर्षवंती बिष्ट ने पर्वतारोहण के साथ उच्च हिमालय के पर्यावरण की सुरक्षा के लिए चार दशक से अधिक समय तक कार्य किया है। वह भारतीय पर्वतारोहण संस्थान जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संस्थान की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।