आस्था, उमंग और उत्साह के बीच शनिवार को सगर गांव की आराध्य मां चंडिका की दिवारा यात्रा शुरू हो गई है। जय मां चंडिका के उद्घोष से मंडल घाटी दिनभर गुंजायमान हो उठी।
इस दौरान विभिन्न गांवों से पहुंचे देवताओं के अवतारी पुरुष ने ढोल दमाऊं की थाप पर शक्ति प्रदर्शन किया। अब नौ माह तक मां चंडिका (ब्रह्म) गांव-गांव में अपने भक्तों की कुशलक्षेम पूछेगी। रात्रि प्रवास के लिए दिवारा यात्रा सगर गांव पहुंची। रविवार को यात्रा गोपीनाथ मंदिर गोपेश्वर पहुंचेगी।
शनिवार को सुबह से ही चंडिका मंदिर में विशेष पूजाएं आयोजित हुई। ब्रह्म गुरु हरिबल्लभ सती ने मां चंडिका की शक्ति पूजा संपन्न की, जबकि पुजारी सूरज किमोठी और विनोद भट्ट ने अन्य पंच पूजाएं कीं। सुबह 10 बजे ग्राम पंचायत ग्वाड़, मंडल, देवलधार, देवर-खडोरा, पाडुली पपड़ियाणा, कुजौं-मेकोट, बौंला, कौंज, दशज्यूला कांडई और गोपेश्वर गांव से भक्तगण और मां चंडिका, नंदा, जाख, ज्वाला और भैरवनाथ के अवतारी पुरुष आयोजन स्थल में पहुंचे।
यहां देवताओं के अवतारी पुरुषों ने अद्भुत नृत्य कर शक्ति प्रदर्शन किया। अपराह्न ठीक 12.15 बजे मां चंडिका देवी के ब्रह्म (निशाण) ने अपने भक्तों को दर्शन दिए। दिवारा समिति के अध्यक्ष जगमोहन सिंह बिष्ट और सचिव सतेंद्र सिंह रावत ने बताया कि यात्रा गोपेश्वर, गंगोलगांव, सगर गांव होते हुए 16 अक्तूबर को रुद्रनाथ मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी। इस मौके पर दीपक रावत, गोविंद सिंह बजवाल, कुंवर सिंह नेगी, प्रकाश बिष्ट, महिला मंगल दल अध्यक्ष विजया देवी आदि मौजूद रहे।