गौचर बाजार से होकर गुजरती मां भगवती की यात्रा।
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तीन दिनों तक चले धार्मिक अनुष्ठान के बाद कुलदेवी भगवती और कुलदेवता रावल बुधवार शाम को अपने मूल स्थान लौट गए। लोगों ने ढोल दमाऊं और पुष्प वर्षा के साथ देवताओं को विदा किया।
ब्लाक पोखरी के बड़ेत गांव की कुलदेवी भगवती और रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि ब्लॉक के विराजकोट गांव के कुलदेवता रावल श्रद्धालुओं के आह्वान पर तीन दिनों के लिए गौचर के वार्ड छह में विराजमान हुए थे। इस दौरान बड़ेत, डांग, इज्जर, कुड़ियास, सिमखोली, विजराकोट सहित अन्य गांवों और नगर के लोगों ने तीन दिनों तक भजन, कीर्तन, रात्रि जागरण के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण किए। साथ ही भंडारे भी हुए। नगर के विभिन्न देवस्थानों पर भगवती और रावल का देव मिलन भी हुआ। बुधवार शाम को पूजा अर्चना के बाद रात आठ बजे दोनों कुल देवता अपने मूल स्थान पर विराजमान हो गए। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी, भारती रावत, रावल देवता के पुजारी शिव प्रसाद मलवाल, भगवती के पुजारी शिव प्रसाद खाली, मुख्य यजमान सुनील पंवार, इंदु पंवार, पूर्व पालिका अध्यक्ष मुकेश नेगी, विजय प्रसाद डिमरी और कमल सिंह रावत आदि मौजूद रहे।