मनरेगा कर्मियों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। उन्होंने कहा कि वे 13 -14 सालों से कार्य कर रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें अभी भी अल्प मानदेय दे रही है। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग में समायोजित करने एवं हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर ग्रेड-पे एवं समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग की। कर्णप्रयाग में कार्य बहिष्कार करने वालों में विनोद डिमरी, आशीष मालगुड़ी, संदीप डिमरी, रुचि भंडारी, आशा नौटियाल, पूजा रानी, मनवर रावत , नारायणबगड़ में खुशाल सिंह, राधाकृष्ण सती, अनुसूया पुरोहित, प्रमोद नेगी, उर्मिला देवी, गीता देवी, दिनेश पुरोहित आदि मौजूद थे।
वहीं पोखरी में कर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि जब तक सरकार मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती तब तक हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। इस दौरान मनरेगा कर्मचारी संघ के ब्लाक अध्यक्ष संजय रावत, उपाध्यक्ष सुभाष डिमरी, केदार सिंह, सरोजनी बुटोला, अंकित रावत, जगमोहन रावत, चंद्रकला देवी मौजूद रहे। वहीं ब्लॉक मुख्यालय चमोली में धरने पर बैठे कर्मियों को ब्लॉक प्रमुख विनीता देवी सहित बीडीसी सदस्यों ने समर्थन दिया। उन्होंने धरना स्थल पर पहुंचकर उनकी मांगों को जायज ठहराया। वहीं ग्राम प्रधानों ने भी उन्हें समर्थन दिया। ब्लॉक प्रधान संगठन की तरफ से उन्हें समर्थन का पत्र दिया गया है। इस दौरान मनरेगा कर्मचारी संघ के दशोली ब्लॉक अध्यक्ष जय प्रकाश तिवारी, सचिव कर्मवीर नेगी आदि मौजूद रहे।