ब्लाक सभागार में आयोजित एमडीएम की बैठक में जन-प्रतिनिधियों ने स्थानीय उत्पादों को स्कूलों के मिड-डे मील में शामिल करने सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बताया गया कि कई स्कूलों में मिड-डे मील के लिए छात्रों से लकड़ियां मंगवाई जा रही हैं। बीईओ ने इस मामले की जांच के आदेश दिए।
क्षेत्र पंचायत प्रमुख उर्मिला बिष्ट की अध्यक्षता में हुई ब्लाक स्तरीय मध्याह्न भोजन योजना समिति की बैठक में सामुदायिक सहभागिता, स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच, पेयजल, स्वच्छता, शौचालय और विद्यालयों में संचालित निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर चर्चा की गई। ब्लॉक प्रमुख उर्मिला बिष्ट ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से बीडीसी और अन्य बैठकों में लिए गए निर्णयों का पालन नहीं किया जाता, जिस कारण आज तक की सभी बैठकें औपचारिक बनकर रह गई हैं। उन्होंने स्कूलों के मध्याह्न भोजन में स्थानीय उत्पादनों को भी शामिल करने की सलाह दी।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों से स्कूलों का नियमित निरीक्षण कर प्रत्येक तीन माह में आयोजित ब्लॉक स्तरीय कमेटी में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। प्रधान गंगा सिंह ने कहा कि स्कूलों में मोटे और निमभन गुणवत्ता के चावलों की सप्लाई की जा रही है। कई स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने के लिए छात्र-छात्राओं से घरों से लकड़ियां मंगाई जा रही हैं, जबकि शासन ने शिक्षा विभाग को प्रत्येक विद्यालयों में कुकिंग गैस मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी बीसी मिश्रा ने कहा कि बच्चों से स्कूल में लकड़ियां मंगाना गंभीर मामला है। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। ब्लॉक समन्वयक बीएस रावत के संचालन में हुई बैठक में खंड विकास अधिकारी विक्रम लाल शाह, सहायक खाद्यान्न निरीक्षक भगवती प्रसाद रतूड़ी, सीआरसी जगदीश जोशी, बलवंत बागड़ी, गंगा सिंह, गजेंद्र मिश्रा, प्रधानाचार्य नंदा बल्लभ मिश्रा, अनीषा थपलियाल, मदन सिंह खत्री, दमयंती मिश्रा, गंगा सिंह और हरिराम आर्य आदि मौजूद थे।