जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति ने कई मांगें उठाईं
कहा- दो साल पहले बनी सहमति के बिंदुओं पर शीघ्र हो कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। भू-धंसाव प्रभावितों के पुनर्वास, जमीन और व्यावसायिक भवनों का मूल्य निर्धारित करने की मांग के लिए जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। उन्होंने आपदा के ढाई साल बाद भी पुनर्वास व मुआवजे सहित अन्य बिंदुओं पर प्रगति नहीं होने पर नाराजगी जताई।
समिति ने ज्ञापन में कहा कि प्रभावित परिवार आज भी पुनर्वास का इंतजार कर रहे हैं। नगर में सुरक्षात्मक कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से 1640 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं लेकिन अभी तक कोई काम शुरू नहीं हो पाया है। लोगों को डीपीआर के नाम पर उलझाकर रखा जा रहा है। कभी एक एजेंसी सर्वे कर रही है तो कभी दूसरी सर्वे कर डीपीआर तैयार कर रही है। अभी तक यही कार्य हो पाया है जबकि नगर में भू-धंसाव के मामले समय-समय पर आ रहे हैं। समिति ने अप्रैल 2023 में मुख्यमंत्री के साथ बनी सहमति के बिंदुओं पर शीघ्र कार्रवाई करने, आपदा के कारण व्यावसायिक नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा देने, पुनर्वास की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करते हुए भूमि चयन करने, प्रभावितों की भूमि का मूल्य निर्धारित करने, सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र शुरू करने आदि की मांग की। ज्ञापन भेजने वालों में संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती, प्रवक्ता कमल रतूड़ी, दीपक टम्टा, हरीश लाल, बसंतू, शैलेंद्र पंवार, करण सिंह रावत, सतीश डिमरी, लक्ष्मी देवी, दीपक शाह और रितिक राणा आदि शामिल रहे।