परखाल-रैंस चोपता मोटर मार्ग के निर्माण को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और रैंस तथा चोपता गांव के ग्रामीणों के साथ हुई बैठक बेनतीजा रही।
रैंस के ग्रामीणों ने कहा कि पहले पीएमजीएसवाई के तहत पूर्व में निर्मित परखाल-रैंस सड़क मार्ग का 15 किमी निर्माण कार्य पूरा किया जाए, इसके बाद चोपता तक सड़क निर्माण के लिए भूमि देने पर विचार किया जाएगा। इस पर चोपता के ग्रामीण सहमत नहीं हुए।
सड़क को लेकर रैंस और चोपता के ग्रामीणों का आठ वर्षों से विवाद चल रहा है। रैंस के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के लिए अपनी 30 मीटर जमीन देने के लिए मना कर दिया है, जिससे चोपता तक सड़क निर्माण करवाना प्रशासन और कार्यदाई विभाग टेढ़ी खीर बनता जा रहा है।
बैठक में एसडीएम केएस नेगी, तहसीलदार परमानंद राम, पीएमजीएसवाई और लोनिवि के अधिकारी, चोपता की प्रधान उषा रावत, दलवीर सिंह रावत, सरोप सिंह सिनवाल, रैंस की प्रधान रजनी देवी, यशपाल मेहरा और आनंद सिंह आदि मौजूद थे।
वहीं थराली तहसील में मोटर मार्ग के निर्माण को लेकर चोपता के ग्रामीणों का धरना 15वें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठने वालों में बीरेंद्र सिंह रावत, धीरेंद्र सिंह, कमला लाल, बालम सिंह मिंगवाल, गबर सिंह रावत, स्वरूप सिंह और अजीत पाल नेगी आदि मौजूद थे।