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कई मकान को खतरा, 22 गांवों में बिजली सप्लाई ठप

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जिले में बिजली पोल क्षतिग्रस्त होने से 22 गांवों में बिजली सप्लाई ठप पड़ गई है। बैरागना में मत्स्य विभाग की चहारदीवारी क्षतिग्रस्त होने से पानी के बहाव के कारण लगभग सैकड़ों मछलियां मर गईं। वहीं, मंडल घाटी के ग्वाड़ गांव में रणजीत सिंह बिष्ट के मकान का आंगन क्षतिग्रस्त हो गया।
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मठ, ठेली और ग्वाड़ गांव में नौ लोगों के मकानों के आंगन क्षतिग्रस्त हो गए। जीआईसी बैरागना के परिसर में गदेरे का मलबा घुसने से सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। पलेठी गांव में पेयजल लाइन टूटने से पानी की सप्लाई ठप पड़ गई है। चमोली बस स्टेशन के निकट पुलिस की गुमटी, एक दुकान का गोदाम और बिजली पोल क्षतिग्रस्त हुआ है। सिरोखोमा गांव में 3 गोशाला और बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। जिले में बिजली पोल क्षतिग्रस्त होने से कुहेड़, रांगतोली, गोलिम, लासी, मजोठी, सेमडुंग्रा, रोपा, मैठाणा, सैकोट, घुड़साल, लस्यारी, चमोली तथा मंडल घाटी के गांवों में बिजली सप्लाई बाधित हुई है। तहसील चमोली, जोशीमठ तथा घाट में दूरसंचार सेवा भी बाधित पड़ी है।
रुद्रप्रयाग में 26 और चमोली जिले में 32 संपर्क मार्ग बंद
रुद्रप्रयाग/गोपेश्वर। सोमवार रात हुई मूसलाधार बारिश से जिले के 26 संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे जखोली, ऊखीमठ, अगस्त्यमुनि तीनों ब्लाकों के सैकड़ों गांवों का ब्लॉक व जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। ग्रामीण मीलों पैदल नापने को मजबूर हैं। दूसरी तरफ गांवों में कई पैदल मार्गों को भी क्षति पहुंची हैं। वहीं चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे के साथ ही जिले के 32 संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं।
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रुद्रप्रयाग जिले में लोनिवि, पीएमजीएसवाई, एडीबी, वर्ल्ड बैंक समेत अन्य कार्यदायी संस्थाओं के अधीन 26 मार्ग बंद पड़े हैं। छेनागाड़-बकसीर, छेनागाड़-उछोला, मयाली-रणधार, गोरपा-सिरवाड़ी-कुरछोला, माई की मढ़ी-जवाड़ी-बीना-रानो, दुगड्डा-पालाकुराली, बांसवाड़ा-कणसिल-चंद्रनगर-मोहनखाल, मयाली-गुप्तकाशी, मक्कू-पलद्वाड़ी, गुप्तकाशी-कालीमठ-कोटमा-जाल तल्ला-चौमासी आदि मार्ग मलबा आने, पुश्ता ढहने व भूधंसाव से बंद हैं। लोनिवि प्रांतीय खंड के ईई इंद्रजीत बोस ने बताया कि जिन मार्गों पर मलबा आया है, उन्हें प्राथमिकता से खोला जा रहा है। क्षतिग्रस्त मार्गों का संबंधित जेई को निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट देने को कहा है।
मार्ग बंद होने से नापनी पड़ी 25 किमी की अतिरिक्त दूरी
देवप्रयाग। भारी बारिश से देवप्रयाग-ऋषिकेश वैकल्पिक मार्ग मलबा आने से मार्ग बंद हो गया, जिससे देवप्रयाग से ऋषिकेश जाने वाले लोगों को 25 किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर मलेथा, टिहरी होकर ऋषिकेश जाना पड़ा। जबकि अखबार, दूध, सब्जी आदि की आपूर्ति भी ठप रही। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे तोता घाटी में बंद होने के बाद वैकल्पिक मार्ग खाडी गजा भी बंद हो गया, जिससे लोगों को और अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ा। तहसीलदार देवप्रयाग एसएस कठैत ने बताया कि देवप्रयाग गजा मार्ग पर मलबा हटाने का काम जारी है। संवाद
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