रैणी गांव के पास क्षतिग्रस्त हुए मलारी हाईवे का निर्माण जारी है। हाईवे पर करीब 20 मीटर तक नई सड़क का निर्माण कर लिया गया है जबकि नए समरेखण के हिसाब से 100 मीटर सड़क बनाई जानी है। बीआरओ के अधिकारियों ने एक सप्ताह में नई सड़क के निर्माण का दावा किया है।
14 जून को भारी बारिश के दौरान रैणी गांव के निचले भाग में करीब 40 मीटर तक मलारी हाईवे क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे नीती घाटी के 14 गांवों की करीब 2000 की आबादी अपने गांवों में ही कैद होकर रह गई है। साथ ही चीन सीमा पर मुस्तैद सेना व आईटीबीपी के जवानों की आवाजाही भी ठप पड़ गई है।
रैणी गांव में धौली गंगा साइड भूमि न होने के कारण बीआरओ ने रैणी गांव में निजी भूमि और भवनों को तोड़कर करीब 100 मीटर नई सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया है। लगातार मौसम खराब होने से सड़क निर्माण कार्य तेजी से नहीं हो रहा था। सोमवार को चटख धूप खिलने पर बीआरओ ने सड़क निर्माण कार्य तेज कर दिया है। बीआरओ के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने कहा कि एक सप्ताह में मलारी हाईवे सुचारु कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई सड़क बनाने में कहीं भी हार्ड रॉक नहीं है, जिससे सड़क का काम तेजी से किया जा रहा है।