भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला जोशीमठ-मलारी हाईवे कई जगहों पर भूस्खलन और भू-धंसाव से खस्ताहाल में पहुंच गया है। सलधार, रैणी गांव, जुम्मा क्षेत्र में हाईवे पर लोगों और सेना के वाहनों की आवाजाही मुश्किल से हो पा रही है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से यहां हाईवे चौड़ीकरण कार्य भी किया जा रहा है जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
मलारी हाईवे सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हाईवे के चौड़ीकरण और सुधारीकरण कार्य का शिलान्यास किया था लेकिन मौजूदा समय में हाईवे की स्थिति खस्ताहाल बनी है। भलगांव के ग्राम प्रधान लक्ष्मण सिंह ने बताया कि हाईवे पर शीघ्र सुधारीकरण कार्य शुरू करने की जरूरत है। कहा कि रैणी गांव के समीप हाईवे पर जगह-जगह भू-धंसाव हो रहा है। यहां हाईवे पर मोटर पुल का कार्य भी निर्माणाधीन है लेकिन निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। इससे यहां वाहनों का आवागमन मुश्किल से हो पा रहा है। हाईवे खस्ताहाल होने से सीमांत क्षेत्र के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इधर, बीआरओ के कमांडर मनीष कपिल का कहना है कि हाईवे की दशा सुधारने के लिए जेसीबी लगाई गई हैं। हाईवे को जल्द चाक-चौबंद बना लिया जाएगा।