गोपेश्वर। नगर क्षेत्र गोपेश्वर के बैतरणी में स्थित नमामि गंगे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में करंट से हुई भालुओं के मौत के मामले की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है। जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने उप जिला मजिस्ट्रेट राजकुमार पांडेय को जांच के आदेश दिए हैं।
गोपेश्वर रेंज के अंतर्गत बीते 27 नवंबर को बैतरणी में स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में एक मादा भालू और उसका बच्चा मृत मिला था। इस घटना की मजिस्ट्रीयल जांच शुरू हो गई है। जांच अधिकारी उप जिला मजिस्ट्रेट राजकुमार पांडेय ने बताया कि इस दुर्घटना के संबंध में किसी व्यक्ति के पास कोई साक्ष्य या जानकारी हो तो वह सात दिन में लिखित या मौखिक रूप से तहसील कार्यालय में आकर दे सकता है।
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करंट लगने से ही हुई थी भालुओं की मौत
- उधर भालुओं के शव का पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से पोस्टमार्टम कराया गया था। इसकी रिपोर्ट आ गई है। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ तरुण एस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भालुओं की मौत का कारण करंट लगना ही बताया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच चल रही है। संवाद