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सामाजिक दूरी बनाई और मास्क पहनाकर किया कन्या पूजन

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कोरोना वायरस के कारण किए गए लॉकडाउन का असर रामनवमी पर भी दिखा। कुछ लोगों ने अपने घरों की ही कन्याओं का पूजन किया तो कहीं पूजन ही नहीं किया गया। गोपेश्वर में कुछ लोगों ने आसपास की कुछ ही कन्याओं को बुलाया, उन्हें दूर-दूर बिठाया और मास्क पहनने के लिए दिए। उन्हें भोजन की जगह सिर्फ फल ही दिए गए।
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हालांकि कुछ लोगों ने घर पर ही सामान्य पूजा करके रामनवमी बनाई और आसपास की कन्याओं को दक्षिणा दी। ज्यादातर लोग बच्चों को पूजन के लिए भेजने से कतरा रहे थे। रामनवमी पर सभी मंदिरों में सन्नाटा रहा। रुद्रप्रयाग में भी लोगों ने घरों की ही कन्याओं का पूजन करते हुए उन्हें भोग लगाया। देवी मंदिरों में सिर्फ पुजारियों ने पूजा की। देवी भक्तों ने घरों में देवी पाठ किया और व्रत किया।
कर्णप्रयाग, सिमली, लंगासू, गौचर, आदिबदरी, गैरसैंण, नारायणबगड़, थराली, देवाल आदि कस्बों में लोगों ने घरों में ही देवी की पूजा की। घरों में उगाई जौ की हरियाली को प्रसाद के रूप में दिया गया। नौटी, नंदासैंण, भटोली, सिरोली, रतूड़ा, खंडूड़ा, तोप, सेम आदि गांवों में भी भक्तों ने देवी-देवताओं को भोग लगाकर पूजा की।
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श्रीनगर/देवप्रयाग। यहां भी लोगों ने ही घरों में रामनवमी मनाई। मंदिर व स्नानघाटों पर सन्नाटा पसरा रहा वहीं लोगों ने कन्याओं को सामूहिक भोजन करवाने से भी परहेज किया। तीर्थ पुरोहित समाज के लोग घरों में उगाई हरियाली को श्री रघुनाथ जी को अर्पित नहीं कर पाए। लॉकडाउन के चलते अलकनंदा और भागीरथी के संगम स्थल और रामकुंड में भी इस बार कोई भी श्रद्धालु स्नान को नहीं पहुंचा।
कोरोना से निजात दिलाने की कामना
नई टिहरी/उत्तरकाशी। नवमी पर्व पर श्रद्धालुओं ने देवी भगवती सिद्धिदात्री की पूजा कर सुख समृद्धि का वरदान मांगा। हरियाली काटकर सिद्धिदात्री को पूरी, हलवा और चने का भोग लगाया। कन्याओं को उनके घर पर ही उपहार और दान भेजा गया। सिद्धपीठ चंद्रबदनी, सुरकंडा और कुंजापुरी में पुजारियों ने पूजा-अर्चना की।
उत्तरकाशी में लोगों ने घरों में डाली हरियाली काटने के साथ ही नवरात्र का धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किया। लोगों ने घर बुलाकर कन्याओं को भोजन कराने से परहेज किया। उत्तरकाशी के प्रख्यात कुटेटी देवी मंदिर के पुजारी ललित मोहन नौटियाल ने बताया कि देवी मंदिर बंद होने के कारण भक्तों ने बाहर से ही पूजा की और कोरोना महामारी से निजात की कामना की।
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