फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

14 अगस्त को कुरुड़ मंदिर से कैलाश रवाना होगी मां नंदा की डोली

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार मां नंदा की लोकजात यात्रा सूक्ष्म रूप से आयोजित होगी। मंदिर कमेटी की ओर से पूर्व में निर्धारित किए गए लोकजात यात्रा कार्यक्रम में प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद बदलाव कर दिया गया है। 14 अगस्त को कुरुड़ मंदिर से मां नंदा की डोली विभिन्न पड़ावों से होते हुए कैलाश के लिए विदा होगी।
विज्ञापन

शनिवार को नंदा देवी सिद्धपीठ कुरुड़ में मंदिर कमेटी के अध्यक्ष भागवत सिंह की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन हुआ। पूर्व में महाजात में शामिल होने के लिए विभिन्न गांवों के आराध्य देवताओं के निशान व श्रद्धालुओं को न्योता दिया गया था, लेकिन अब कार्यक्रम को सूक्ष्म कर दिया गया है। निर्णय लिया गया कि 14 अगस्त को मंदिर से मां नंदा की डोली कैलाश के लिए प्रस्थान करेगी। पहले दिन डोली प्रथम पड़ाव फरखेत गांव पहुंचेगी। यहां से नारंगी, कुमजुग, लुंतरा, खुनाणा, चोपडकोट, कांडई, पगना, ल्वाणी, सुंग, रामणी से होते हुए 25 अगस्त को नंदा सप्तमी के अवसर पर बालपाटा में महाजात संपन्न होगी। बैठक में मंदिर कमेटी के संरक्षक सुखवीर रौतेला, ब्लॉक प्रमुख भारती देवी, जिला पंचायत सदस्य नंदिता देवी, महिपाल सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपक रतूड़ी, ग्राम प्रधान गजेंद्र सिंह, भागवत सिंह, अनिल सिंह, श्याम सिंह, दिलवर सिंह, मनोज, रणजीत सिंह, राकेश गौड़, तुला राम और बदरी सिंह आदि मौजूद थे।
फोटो
नाग नागिन शिला की पूजा-अर्चना की
बदरीनाथ। नाग पंचमी पर्व पर शनिवार को बदरीनाथ धाम में नाग-नागिन शिला की श्रद्धालुओं ने पूजा की। धाम में यह स्थान बदरीनाथ मंदिर से बाएं ओर नारायण पर्वत पर स्थित है। बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने नाग-नागिन शिला की पूजा की और सबके कल्याण की कामना की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें