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एक किमी पैदल चलकर 40 तीर्थयात्री पहुंचे बदरीनाथ धाम

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बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ में हाईवे से मलबा हटाती एनएच की जेसीबी मशीनें। - फोटो : GOPESHWAR
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बदरीनाथ हाईवे भूस्खलन के कारण शनिवार को लामबगड़ में करीब चार घंटे तक बंद रहा। इस दौरान लगभग 40 श्रद्धालु एक किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर बदरीनाथ धाम के दर्शनों को पहुंचे।
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भारी बारिश के कारण प्रात: चार बजे लामबगड़ में चट्टान से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा हाईवे पर आ गया। सुबह छह बजे एनएच की जेसीबी ने मलबा हटाने का काम शुरू किया। धीरे-धीरे यात्री वाहन यहां पहुंचने और जाम लगने लगा। हाईवे खुलता न देख करीब 40 श्रद्धालु लामबगड़ से करीब एक किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर बदरीनाथ धाम पहुंचे। दो घंटे की मशक्कत के बाद सुबह आठ बजे हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए हाईवे सुचारु किया गया। एनएच के ईई जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि हल्की बारिश होने पर भी लामबगड़ में चट्टान से मलबा हाईवे पर आ रहा है। यहां अलकनंदा साइट हाईवे का ट्रीटमेंट कार्य भी चल रहा है। बारिश होने पर ट्रीटमेंट कार्य भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि हाईवे खोलने के लिए पर्याप्त मात्रा में मशीनें और मैन पावर की तैनाती की गई है।
कोटद्वार-पौड़ी हाईवे खुला, आवाजाही शुरू
दुगड्डा। भारी बारिश से कोटद्वार-पौड़ी हाईवे दुगड्डा में दरक गया, जिससे हाईवे का करीब 30 मीटर हिस्सा धंसकर खोह नदी में समा गया था। शनिवार को एनएच ने हाईवे खोलकर यातायात बहाल कर दिया लेकिन यहां आवाजाही में अभी भी खतरा बना है।
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हाईवे धंसने से कोटद्वार का गढ़वाल से संपर्क कट गया था। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने सड़क के ऊपर की पहाड़ी को काटकर हाईवे खोल दिया है, लेकिन सड़क संकरी होने के कारण वाहन रेंगकर खतरे के साए में चल रहे हैं। एनएच खंड धुमाकोट के अधिशासी अभियंता नरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रभावित स्थल पर नियमित और सुरक्षित यातायात संचालन के लिए योजना बनाई गई है। इसमें भूस्खलन से सड़क को बचाने के लिए पहाड़ की ओर पक्की दीवार बनाई जाएगी। साथ ही जल निकासी के लिए पक्की नाली बनाई जाएगी। संवाद
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