गोपेश्वर। सगर गांव में चल रही मां चंडिका की दिवारा यात्रा अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। गांव में 24 अप्रैल से धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे और 8 मई को पूर्णाहुति के साथ मां चंडिका का फरसा मंदिर में स्थापित कर लिया जाएगा। इसी के साथ दिवारा यात्रा का समापन भी हो जाएगा।
मां चंडिका देवी दिवारा यात्रा समिति के अध्यक्ष जगमोहन सिंह बिष्ट और सचिव सत्येंद्र रावत ने बताया कि 24 अप्रैल को गणेश भत्ता (गणेश पूजन) और 25 को ध्याणी भत्ता (विवाहित बेटियों के भोजन कराना) कार्यक्रम होगा। रात को देवी के चौक पर मुखौड़ा नृत्य, 30 अप्रैल को मां भगवती का जागरण और गरुड़ छाड़ मेला होगा। यज्ञ कुंड में अग्नि प्रज्जवलित करने के लिए अरणी मंथन और यज्ञकुंड पूजन होगा। एक मई से देवी भागवत कथा की शुरुआत होगी। सात मई को जलयात्रा और आठ को पूर्णाहुति के बाद मां चंडिका की विदाई तथा माता के फरसे को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। संवाद