मुख्यमंत्री हरीश रावत रविवार को जिला मुख्यालय पहुंचे और सबसे पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक ली। उन्होंने कहा कि दस सालों से देखने में आ रहा है कि कार्यकर्ता जनता के बीच नहीं जा रहे हैं।
इस आदत को तोड़ना है। राज्य में अपनी सरकार चाहिए तो कार्यकर्ता जनता के बीच जाएं और उनकी समस्याएं सुनें। जनता सब जानती है कि सरकार कैसे चल रही है।
मुख्यमंत्री रविवार को नियत कार्यक्रम से दो घंटे देरी से (तीन बजे) गोपेश्वर पहुंचे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में उन्होंने कहा कि चमोली जिले के तीनों विधायक (बदरीनाथ, कर्णप्रयाग और थराली) जनता की सेवा में लगे हुए हैं। उनकी सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाएं बनाई हैं, जो अगले दस वर्षों ंमें राज्य के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि जब हरीश रावत प्रदेश अध्यक्ष थे तो उस वक्त राज्य में कांग्रेस को 36 सीटें मिली थीं, अब वे मुख्यमंत्री हैं तो उनके एतिहासिक कार्यों को देखकर अब 37 से 40 सीटें मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही है।
इस मौके पर बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी, कर्णप्रयाग विधायक डा. एपी मैैखुरी, थराली विधायक डा. जीतराम, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता लखपत बुटोला, कुंवर सिंह नेगी, बार संघ के अध्यक्ष नंदन सिंह बिष्ट, सीएम के निजी सचिव कमल सिंह रावत, नगर पंचायत अध्यक्ष गौचर मुकेश नेगी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरि सिंह, गौरव फर्स्वाण और सुरेंद्र लिंगवाल आदि मौजूद थे। संचालन सुरेश डिमरी ने किया।
हरीश रावत को बताया भूतो न भविष्यति
बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी ने सीएम की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में हम आएं न आएं, लेकिन हरीश रावत को जरूर सत्ता में आना होगा। उन्होंने सीएम को भूतो न भविष्यति की संज्ञा भी दी।