रामलीला मैदान में चल रहे तीन दिवसीय पिडंर घाटी सांस्कृतिक एवं पर्यटन मेले के दूसरे दिन लोक संस्कृति का संगम दिखा। इसमें महिला मंगल दल थराली, सूना और सगवाड़ा की महिलाओं ने चांचरी, झुमेलो और चौंफला की शानदार प्रस्तुति दी।
वहीं राजकीय इंटर कालेज और कन्या इंटर कालेज के छात्र-छात्राओं की गढ़वाली और कुमाउंनी लोक गीतों पर सामूहिक और युगल नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कौथगीर कला मंच कोटद्वार की टीम ने नंदा राजजात की प्रस्तुति, भूम्याल देवता की स्तुति, दैवरा मोहना पिछने न आया... और कई गढ़वाली गीतों पर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। सरस्वती शिशु मंदिर, विद्या मंदिर, माडर्न पब्लिक स्कूल, नवदीप चिल्ड्रन एकेडमी के बच्चों ने भी प्रस्तुतियों से दर्शकों को बांधे रखा।
मेले के दूसरे दिन का शुभारंभ अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डा. शंकर दत जोशी ने किया। मेले में उन्होंने एक विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। देहरादून से आई चिकित्सकों की टीम ने सौ से अधिक रोगियों का परीक्षण कर उनको मुफ्त दवाइयां बांटी।
डा. जोशी ने बताया कि शिविर में शुगर, ब्लड प्रेशर अस्थमा और सामान्य बीमारियों के मरीज आ रहे हैं। शिविर में फेफड़ों की जांच की मुफ्त सुविधा है। मेले के दूसरे दिन भी स्टालों से लोगों ने खूब खरीददारी की।
इस अवसर पर मेला सचिव खीमानंद खंडूड़ी, गंगा बिष्ट, शंभू प्रसाद बहुगुणा, व्यापार संघ अध्यक्ष संदीप सिंह रावत, गोपाल दत, अध्यक्ष सुरपाल सिंह रावत, जगदीश प्रसाद थपलियाल, प्रेम पुरोहित, प्रेम कुमार, मेला व्यवस्थापक कृष्णपाल गुसाईं आदि मौजूद थे। संचालन हरिप्रसाद खंडूड़ी एवं रमेश चंद्र देवराड़ी ने किया।
आजीविका सुदृढ़ करने के दिए टिप्स
भुवनेश्वरी महिला आश्रम थराली ने गोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें आजीविका परियोजना की ओर से पशुपालन, उद्यानिकी, सब्जी उत्पादन, जड़ी-बूटी काश्तकारी से आजीविका को सुदृढ़ करने के टिप्स दिए गए। वहीं संस्था के स्टाल से लोगों ने जैविक उत्पादों, व स्थानीय फलों व अदरक की खरीददारी की।