सिमली बनेथा महोत्सव : सुबह सात बजे से ही पहुंचने लगे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। सिमली में आयोजित नौ दिवसीय बनेथा महोत्सव में रविवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। यहां दर्शनों के लिए सुबह सात बजे से ही लाइन लगनी शुरू हो गई। मनौती की पूजा के लिए भी लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। देवी के दर्शनों के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से सिमली पहुंच रहे हैं।
चौदह साल बाद देवी चंडिका की देवरा यात्रा आयोजित की जा रही है। रविवार को अवकाश होने के कारण यहां भारी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। देवी के दर्शनों के लिए लाइन में लगे शिक्षक भरत दानू ने कहा कि चौदह साल बाद देवी के दर्शन हो रहे हैं। मनौती की पूजा के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। वहीं सेनू के राजेंद्र सिंह श्रीनगर से देवी के दर्शनों के लिए पहुंचे। इसके अलावा देहरादून, दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों में रह रहे स्थानीय प्रवासी भी ईष्ट देवी के दर्शनों के लिए यहां पहुंचे हैं। यात्रा समिति के अध्यक्ष हेमंत टकोला, सचिव देवेंद्र सिंह रावत, मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि सभी ग्रामीण और समिति उचित व्यवस्थाओं में लगे हैं।
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देवी के प्रसाद के रूप में वितरित होने वाले सीरे के रस्से के वितरण में कोली-पुडियाणी के ग्रामीण जुटे हैंं। ग्रामीण सुबह पांच बजे से रात आठ बजे तक सीरा बटाई में लगे हैं। नौ दिनों में करीब 1000 मीटर लंबी सीरे की रस्सी बनाई जाती है जो अंतिम दिन प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को वितरित की जाती है।
महिलाओं ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
बनेथा महोत्सव मंच पर दोपहर में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए जिसमें सिमली, डिम्मर, सेनू, कोली, पुडियाणी, जाख, सुंदरगांव सहित अन्य स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। वहीं दोपहर में ढोल दमाऊं और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ देवताओं के पश्वाओं और ऐरवालों ने देवनृत्य किया।