पीजी कॉलेज में पर्यावरण संरक्षण पर हुए सेमिनार का समापन
पर्यावरण संरक्षण के लिए आंदोलन के साथ आगे बढ़ने की जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। पर्यावरण संरक्षण तभी संभव है जब इंसान इसे जीवन की आवश्यकता समझे। युवाओं को इसके लिए आंदोलन के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। पर्यावरण बचेगा तभी जीवन रहेगा। यह बातें राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ज्योतिर्मठ में आयोजित सेमिनार में वक्ताओं ने कहीं।
पीजी कॉलेज की ओर से जीआईसी ज्योतिर्मठ के सभागार में पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन में सूचना, शिक्षा और संचार की भूमिका विषय पर सेमिनार हुआ। अंतिम दिन खंड विकास अधिकारी मोहन प्रसाद जोशी ने हर शुभ अवसर पर पौधरोपण करने पर जोर दिया। सामाजिक कार्यकर्ता अतुल सती ने पर्यावरण चेतना के विकास में हिमालय की भूमिका बताई। राकेश चंद्र सती और ओम प्रकाश डोभाल ने आम आदमी के जीवन प्रकृति संरक्षण की जरूरत पर बल दिया। एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण पूरी दुनिया का प्रश्न है। मुख्य उपवन संरक्षक बीएस मार्तोलिया ने जैव विविधता और वन संपदा के महत्व को बताया। कॉलेज की प्राचार्य प्रो. प्रीति कुमारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए युवा पीढ़ी को आंदोलन के साथ आगे आना होगा। टीएचडीसी के आर्थिक सहयोग से आयोजित सेमिनार में 60 शोधार्थियों ने शोधपत्र प्रस्तुत किए। सेमिनार के पूरे विमर्श को एक रिपोर्ट के रूप में प्रकाशित किया जाएगा। इस दौरान कार्यक्रम संयोजक डॉ. नंदन सिंह रावत, व्यापार सभा अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी, महामंत्री सौरभ राणा, सभासद राजेश्वरी भंडारी, वैभव सकलानी और पुष्कर सिंह राणा आदि मौजूद रहे।