सड़क के लिए डुमक गांव के ग्रामीणों का आठवें दिन भी आमरण अनशन जारी
ग्रामीणों ने निकाला कैंडल मार्च, हाथों में स्लोगन लिखे तख्तियां लेकर किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। डुमक गांव को सड़क से जोड़ने की मांग को लेकर ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन और धरना मंगलवार को आठवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनरत ग्रामीणों ने नगर के मंदिर मार्ग पर कैंडल मार्च भी निकाला। उन्होंने कागजी सड़क को छोड़ दो, जमीनी सड़क से जोड़ दो... के स्लोगन लिखकर नारे लगाए और प्रदर्शन भी किया। इधर, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की जिलाध्यक्ष विनीता कठैत ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ डुमक गांव को सड़क से जोड़ने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
मंगलवार को जिला अस्पताल के चिकित्सकों की टीम ने आमरण अनशन कर रहे स्वामी कालिंकानंद सरस्वती, मनोज सिंह और विक्रम सिंह का स्वास्थ्य परीक्षण किया। तीनों का स्वास्थ्य सामान्य मिला। वहीं सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्राम सभा बेमरू के ग्रामीण और पैनखंडा संघर्ष समिति के अध्यक्ष भरत सिंह कुंवर व ज्येष्ठ प्रमुख विक्रम सिंह नेगी के नेतृत्व में डीएम से मिले। ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कर्णप्रयाग और थराली विधायक को ज्ञापन सौंपा। वहीं अनशनकारियों के साथ धरना दे रहे ग्रामीणों ने हाथों में तख्तियां लेकर कागजी सड़क को छोड़ दो, जमीनी सड़क से जोड़ दो... जैसे स्लोगन लिखकर प्रदर्शन किया। आंदोलनकारी अंकित सिंह ने बताया कि ग्रामीण सड़क की मांग को लेकर 119 दिन से आंदोलनरत हैं। अब सड़क निर्माण कार्य शुरू होने के बाद ही आंदोलन स्थगित होगा। आंदोलन में शामिल डुमक, उर्गम घाटी, कुजौं, मैकोट के युवाओं व ग्रामीणों ने शाम को गोपेश्वर मंदिर मार्ग पर कैंडल मार्च भी निकाला। इस मौके पर विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी, अंकित सिंह भंडारी, प्रेम सिंह भंडारी, युमंद अध्यक्ष अनिरुद्ध सनवाल आदि मौजूद रहे।
अनशनकारी की तबीयत बिगड़ी, देर रात प्रशासन ने उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया
मंगलवार को एक और ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठा
संवाद न्यूज एजेंसी
गैरसैंण। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति सहित 14 सूत्री मांगों को लेकर बीते 20 नवंबर से आमरण अनशन पर बैठे व्यापार संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट की तबीयत बिगड़ने पर प्रशासन ने रात में उन्हें उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। इसके विरोध में अन्य लोगों ने रात में ही नारेबाजी की। वहीं मंगलवार सुबह एक और ग्रामीण सुरेंद्र धीमन आमरण अनशन पर बैठ गए।
सोमवार रात को आठ बजे अनशनकारी सुरेंद्र बिष्ट की तबीयत बिगड़ने लगी। सूचना पर नायब तहसीलदार महेंद्र राम सहित अन्य अधिकारी अनशन स्थल पर पहुंचे और बिष्ट को उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। इससे नाराज लोगों ने रात में बाजार और रामलीला मैदान में नारेबाजी की। इसके बाद मंगलवार को गैड़ गांव निवासी पूर्व क्षेपंंस सुरेंद्र धीमन (43) आमरण अनशन पर बैठ गए। वहीं समर्थन में गैड़ गांव के बागू राम, बलवंत राम, अवतारी राम, विरेंद्र कुमार, आनंद कुमार, राकेश, प्रकाश ने सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक क्रमिक धरना दिया। इस दौरान ममंद धुनारघाट, गैड़ व सारकोट की महिलाओं ने नारेबाजी कर धरना स्थल पर आंदोलन के समर्थन में धरना दिया।